Thursday, June 25, 2026
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एनडीए के नेताओं ने टीएमसी पर राजनीतिक हिंसा और माफिया संस्कृति बढ़ाने का लगाया आरोप

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नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर राजनीतिक हिंसा और “माफिया संस्कृति” को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफ़ा न देने के मुद्दे पर भी भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल मीडिया से बात करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की राजनीति अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। चुनाव में हार के बावजूद ममता बनर्जी इस्तीफा नहीं दे रही हैं। ये लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। संविधान में हर परिस्थिति के लिए स्पष्ट प्रावधान हैं और उनका पालन किया जाएगा। पश्चिम बंगाल में जनता बदलाव चाहती थी और भाजपा सत्ता में आ गई है।

अर्जुन राम मेघवाल ने भाजपा के प्रदर्शन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पार्टी ने देशभर में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है लेकिन पश्चिम बंगाल की जीत का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में जनसंघ की स्थापना करते समय जिस विचार और राजनीतिक विस्तार का सपना देखा था, पश्चिम बंगाल में भाजपा की सफलता उसी दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। उनके अनुसार, बंगाल की जनता ने भय और हिंसा की राजनीति को नकारते हुए विकास और परिवर्तन के पक्ष में मतदान किया है।

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने टीएमसी पर आरोप लगाते हुए कहा कि अब टीएमसी का अर्थ “टोटल माफिया कल्चर” बन चुका है। पश्चिम बंगाल में हार के बाद भी ममता बनर्जी इस्तीफा नहीं दे रही है, यह गलत बात है। टीएमसी के लोगों ने हार के चलते भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी की हत्या कर दी। यह एक “पूर्व नियोजित सुपारी किलिंग” है। भाजपा सरकार बनने के बाद दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

भाजपा नेता कीया घोष ने कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद टीएमसी की “हताशा और गुस्सा” सामने आ रही है। टीएमसी ने अपनी लड़ाई के चलते जिस व्यक्ति को निशाना बनाया, वह सक्रिय राजनीति में नहीं था लेकिन उसने भवानीपुर चुनाव में सुवेंदु अधिकारी के लिए काम किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की हार की नाराजगी में यह हमला किया गया। हमलावरों ने गाड़ी रोककर लगातार गोलियां चलाईं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हत्या पूरी योजना के तहत की गई।