जैकी श्रॉफ पर गर्व महसूस करते हैं सुभाष घई, बोले- वह आज भी करोड़ों लोगों के हीरो

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मुंबई, 7 मई (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा में कई ऐसे निर्देशक हैं, जिन्होंने नए कलाकारों को अलग पहचान दिलाने में मदद की है। उन्हीं चुनिंदा नामों में मशहूर फिल्म निर्माता और निर्देशक सुभाष घई का नाम भी शामिल है। उन्होंने अभिनेता जैकी श्रॉफ को लेकर एक भावुक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने जैकी श्रॉफ के संघर्ष, सफलता और उनके व्यवहार की खुलकर तारीफ की। उनका यह पोस्ट अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

सुभाष घई ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई नए चेहरों को मौका दिया और उन्हें स्टार बनाया। उनकी फिल्मों ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया, बल्कि कई कलाकारों के करियर की दिशा भी बदल दी।

सुभाष घई ने इंस्टाग्राम पर जैकी श्रॉफ की एक तस्वीर पोस्ट की। इस तस्वीर में उन्होंने अपने हाथ में साल 1983 में रिलीज हुई फिल्म ‘हीरो’ का पोस्टर पकड़ा हुआ है। यह वही फिल्म थी, जिसने जैकी श्रॉफ को रातोंरात स्टार बना दिया था। इस तस्वीर को देख सुभाष घई अपने पुराने दिनों और उस सफर को याद कर भावुक हो गए।

इस तस्वीर के साथ सुभाष घई ने कैप्शन में लिखा, ”अपने पूरे फिल्मी सफर में मैंने हमेशा नए कलाकारों को बेहतर बनाने की कोशिश की। मैंने ऐसे लोगों को भी मौका दिया, जो अभिनय की दुनिया से पूरी तरह जुड़े नहीं थे। मुझे खुशी होती है, जब देखता हूं कि मेरे साथ काम करने वाले कलाकार आज भी दर्शकों के दिलों पर राज कर रहे हैं और अपने करियर के अच्छे दौर में हैं।”

सुभाष घई ने अपने पोस्ट में एक खास बात का भी जिक्र किया। सुभाष घई ने कहा, ”कुछ कलाकार सफलता मिलने के बाद अपनी ही दुनिया में खो जाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो अपनी शुरुआत और उन्हें मौका देने वाले लोगों को कभी नहीं भूलते।”

उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ लोग आज भी अपने निर्माता और निर्देशक के प्रति वही प्यार और सम्मान रखते हैं, जो उन्होंने शुरुआत में दिखाया था।

इसके बाद सुभाष घई जैकी श्रॉफ की तारीफ करते हुए लिखते है, ” ‘हीरो’ फिल्म से जैकी श्रॉफ ने ‘मुक्ता आर्ट्स’ के साथ एक हीरो के रूप में अपनी शुरुआत की थी और आज भी वह करोड़ों लोगों के लिए हीरो बने हुए हैं। मुझे जैकी पर एक अभिनेता के रूप में ही नहीं, बल्कि एक इंसान के तौर पर भी बेहद गर्व है।”

फिल्म ‘हीरो’ में जैकी श्रॉफ के साथ अभिनेत्री मीनाक्षी शेषाद्रि भी नजर आई थीं। यह फिल्म उस दौर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल हुई थी। इस फिल्म का रीमेक तेलुगु, कन्नड़ और फिर साल 2015 में हिंदी में भी बनाया गया।