बेंगलुरु, 7 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर अशोक ने गुरुवार को आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार करके संविधान का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें कोई शिकायत है, तो उन्हें हिंसा का सहारा लेने के बजाय अदालत का रुख करना चाहिए।
बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी संविधान का अपमान कर रही हैं। यह कहकर कि वह इस्तीफा नहीं देंगी, वह संविधान का अनादर कर रही हैं। वह दूसरों से खुद को बर्खास्त करने के लिए कहकर एक नया ड्रामा खड़ा करना चाहती हैं। उन्हें न तो कानून की समझ है और न ही संविधान की।
उन्होंने आरोप लगाया कि बनर्जी फेविकोल लगाकर मुख्यमंत्री की कुर्सी से चिपकी हुई हैं। गरिमा रखने वाला कोई भी मुख्यमंत्री इस्तीफा देकर पद छोड़ देता। मुख्यमंत्री के पद का सम्मान किया जाना चाहिए। वह चाहती हैं कि दंगे हों। इसीलिए टीएणसी नेताओं ने चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी।
अशोका ने दावा किया कि बनर्जी पूरे राज्य को अकेले ही नियंत्रित करना चाहती हैं। भले ही वह इस्तीफा न दें, लेकिन मौजूदा विधानसभा के भंग होने के बाद उनकी शक्तियाँ अपने आप समाप्त हो जाएंगी।
उन्होंने कहा कि वह सत्ता के घमंड में चूर होकर ऐसा बर्ताव कर रही हैं, मानो सिर्फ उन्हें ही मुख्यमंत्री बने रहना चाहिए। इतने लंबे समय तक सीएम रहने के बावजूद, उनमें बुनियादी समझ की कमी है, और लोग यह बात समझ चुके हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पिछले नेता, जिन्होंने 30 साल तक राज किया था, इसी तरह का बर्ताव करते तो बनर्जी की क्या प्रतिक्रिया होती। अगर उन्हें कोई दिक्कत है, तो उन्हें कोर्ट जाना चाहिए। डीएन जीवराज से जुड़े मामले में हम भी कोर्ट गए थे। कानूनी लड़ाइयां इसी तरह लड़ी जानी चाहिए, न कि हत्याओं के जरिए।
कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चालवादी नारायणस्वामी ने भी कांग्रेस की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि अभिनेता-राजनेता सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली पार्टी टीवीके के तमिलनाडु में ज्यादा सीटें जीतने के बाद, कांग्रेस ने रातों-रात उस पार्टी से संपर्क करके मंत्री पद की मांग की थी।
भाजपा प्रदेश कार्यालय ‘जगन्नाथ भवन’ में पत्रकारों से बात करते हुए नारायणस्वामी ने आरोप लगाया कि एक राष्ट्रीय पार्टी होने के बावजूद, कांग्रेस की हालत बेहद शर्मनाक हो गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में कांग्रेस, जो पहले डीएमके के साथ थी, अब विजय की पार्टी के सामने जाकर मंत्री पद मांग रही है, क्योंकि उस पार्टी को ज्यादा सीटें मिली हैं। डीएमके के साथ अपना गठबंधन छोड़कर, कांग्रेस की हालत अब भिखारियों जैसी हो गई है।

