कालीघाट में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घर के बाहर लगे ‘जय श्री राम’ के नारे

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कोलकाता, 9 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद शनिवार को कोलकाता के कालीघाट इलाके में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के बाहर ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए।

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद शनिवार को कोलकाता के कालीघाट इलाके में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के बाहर ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए।

यह घटनाक्रम कालीघाट की हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित ममता बनर्जी के घर के बाहर देखने को मिला। तृणमूल कांग्रेस की चुनावी हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री के आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में कम कर दी गई है। शनिवार को वहां केवल कुछ पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ जवान तैनात दिखाई दिए। सड़क भी सामान्य दिनों की तुलना में काफी शांत और लगभग सुनसान नजर आई।

दरअसल, भाजपा कार्यकर्ताओं का एक छोटा जुलूस हरीश चटर्जी स्ट्रीट से होकर ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में जा रहा था। इसी दौरान जब वे ममता बनर्जी के आवास के सामने पहुंचे तो उन्होंने ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए। नारेबाजी के बाद भाजपा समर्थक वहां से आगे बढ़ गए।

इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता भी ममता बनर्जी के घर के बाहर पहुंचे और उन्होंने पार्टी प्रमुख के समर्थन में ‘जय बंगला’ के नारे लगाए। हालांकि, पूरे घटनाक्रम के दौरान माहौल शांतिपूर्ण बना रहा और किसी भी तरह की अप्रिय घटना की खबर सामने नहीं आई।

उधर, ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, कई केंद्रीय मंत्री, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, नव-निर्वाचित विधायक और हजारों भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

करीब 15 साल बाद पश्चिम बंगाल में बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है। 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर तृणमूल कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया। वहीं, 2021 में 215 सीटें जीतने वाली तृणमूल कांग्रेस इस बार घटकर 80 सीटों पर सिमट गई।