‘बेरोजगार युवाओं के प्रति भाजपा का जवाब- लाठियां’, पटना में लाठीचार्ज पर राहुल गांधी ने बिहार सरकार को घेरा

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पटना, 9 मई (आईएएनएस)। बिहार में चौथे चरण की शिक्षक भर्ती के विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर राजधानी पटना की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों पर कथित लाठीचार्ज के एक दिन बाद राहुल गांधी ने भाजपा के नेतृत्व वाली ‘डबल इंजन’ वाली सरकार पर निशाना साधा।

लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बिहार पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस ने रोजगार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों को एक बार फिर बेरहमी से पीटा है।

उन्होंने बेरोजगार युवाओं के प्रति सरकार के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि बेरोजगार युवाओं के प्रति भाजपा का जवाब- लाठियां।

राहुल गांधी ने बेरोजगारी के मुद्दे पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बेरोजगारी आज देश के सामने सबसे बड़ी समस्या बन गई है, जिसका सबसे गंभीर प्रभाव बिहार और उत्तर प्रदेश के युवाओं पर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि लाखों युवा, जिनके हाथों में डिग्रियां और हुनर ​​है, दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन भाजपा की सरकार को न तो उनकी परवाह है और न ही आपकी। जब युवा अपने अधिकारों की मांग करने के लिए सड़कों पर उतरते हैं तो उन्हें हाथों में नौकरियां नहीं दी जातीं, बल्कि उनकी पीठ पर लाठियां बरसाई जाती हैं।

उन्होंने आगे कहा कि देश के युवा भाजपा के झूठ से तंग आ चुके हैं। अब वे और चुप नहीं रहेंगे और कांग्रेस हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

राहुल गांधी का यह बयान शुक्रवार को पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज के बाद आया, जिसमें हजारों शिक्षक अभ्यर्थियों ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा शिक्षक भर्ती परीक्षा-4 (टीआरई- 4) के विज्ञापन को तत्काल जारी करने की मांग करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।

जेपी गोलंबर के पास विरोध प्रदर्शन उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर बैरिकेड तोड़ने का प्रयास करने के बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया।

इस घटना में कई छात्र घायल हो गए।

विरोध प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों में पुलिस को प्रदर्शनकारियों का पीछा करते हुए पास की सड़कों पर देखा गया। वहीं कई अभ्यर्थियों ने दावा किया है कि उन्हें इस कार्रवाई के दौरान चोटें आईं।

एक अधिकारी के अनुसार, लगभग 5,000 अभ्यर्थियों ने पटना कॉलेज से बीपीएससी कार्यालय तक मार्च निकाला और टीआरई-4 अधिसूचना जारी करने की मांग की।