केरल कांग्रेस में कोई खींचतान नहीं, जल्द मिलेगा नया मुख्यमंत्री: आनंद दुबे

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मुंबई, 9 मई (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने केरल में कांग्रेस के भीतर कथित सत्ता संघर्ष की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि वहां पार्टी के भीतर सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा है और जल्द ही राज्य को नया मुख्यमंत्री मिलेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ केरल में सरकार बनाने जा रही है और राज्य को एक स्थिर तथा विकासोन्मुख सरकार मिलेगी। साथ ही, उन्होंने पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार का स्वागत करते हुए समावेशी शासन और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की अपील की।

आनंद दुबे ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि लोकतंत्र में जो भी जीतकर आता है, उसका स्वागत करना चाहिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल में नई सरकार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य में विकास, खुशहाली और सामाजिक समरसता का माहौल बनना चाहिए।

दुबे ने कहा कि भाजपा की सरकार ‘गंगोत्री से लेकर गंगा सागर तक’ है और डबल इंजन सरकार का लाभ जनता तक पहुंचना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को विपक्षी दलों के साथ अन्याय नहीं करना चाहिए और सभी को विश्वास में लेकर आगे बढ़ना चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हो सके।

शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता ने केरल की राजनीति पर बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के भीतर किसी प्रकार की खींचतान नहीं है, बल्कि पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार बैठकों के माध्यम से सरकार गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा गलत नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि कांग्रेस एकजुट होकर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल से अधिक महत्वपूर्ण देश और राज्य की मजबूती है। लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन सामान्य प्रक्रिया है और सभी दलों को जनता के जनादेश का सम्मान करना चाहिए।

वहीं, पंजाब के जालंधर और अमृतसर में हुए धमाकों पर चिंता व्यक्त करते हुए आनंद दुबे ने कहा कि पाकिस्तान लगातार भारत को अस्थिर करने की कोशिश करता रहा है। दुबे ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इन धमाकों के पीछे किसका हाथ है, इसकी गहन जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर मामले को गंभीरता से जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उनके अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की आवश्यकता है, ताकि देश की सुरक्षा और शांति बनाए रखी जा सके।