शिमला, 10 मई (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं वोर्ड का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। इस बार बोर्ड परीक्षा में छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। बोर्ड के चेयरमैन डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि जो छात्र परीक्षा में पास नहीं हो पाए हैं या जिनके अंक उम्मीद के मुताबिक नहीं आए हैं, बोर्ड जून में ऐसे छात्रों को एक और मौका देगी।
डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि इस वर्ष 10वीं का कुल पास प्रतिशत 83.87 फीसदी रहा। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति (नेप) के तहत अब फेल होने वाले छात्रों को एक और मौका दिया जाएगा। जून महीने में छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। पहले छात्रों को एक साल इंतजार करना पड़ता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। जो छात्र अपने अंक सुधारना चाहते हैं, वे भी इस परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
इस बार परीक्षा में कांगड़ा जिले के पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के पहाड़ा गांव की छात्रा अनमोल ने इतिहास रच दिया। अनमोल ने 700 में से 699 अंक हासिल कर पूरे हिमाचल प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। वह एबीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पहाड़ा की विद्यार्थी हैं।
दूसरा स्थान तीन छात्रों ने संयुक्त रूप से हासिल किया। इनमें सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल रैप्पो मिसरा, ऊना के अभिनव मेहता, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल बिलासपुर की पूर्णिमा शर्मा और सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल रैप्पो मिसरा, ऊना की रुहानी धीमन शामिल हैं। तीनों छात्रों ने 698 अंक प्राप्त किए। वहीं तीसरे स्थान पर नीलम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल हमीरपुर की अश्विका शर्मा और ऑक्सफोर्ड स्कूल कोटली, मंडी की अलीशा ठाकुर रहीं।
अनमोल की इस बड़ी उपलब्धि पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उन्हें फोन कर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने अनमोल से उनके परिवार, पढ़ाई की दिनचर्या और रोजाना कितने घंटे पढ़ाई करते थे, के बारे में भी पूछा। सीएम ने कहा कि यह पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
बातचीत के दौरान अनमोल ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह बड़ी होकर टीचर बनना चाहती है। उन्होंने कहा कि उनके पिता शिक्षक हैं और उनकी मां भी पहले शिक्षिका रह चुकी हैं लेकिन अब वह हाउसवाइफ हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने अनमोल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीवन में एक अच्छा इंसान बनना।

