अमेरिका-चीन पर ईयू की आर्थिक और तकनीकी निर्भरता कम करने का समर्थन कर रहे फिनलैंड के लोग

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हेलसिंकी, 10 मई (आईएएनएस)। फिनलैंड के लोगों ने अर्थव्यवस्था और तकनीक के मामले में यूरोपीय संघ की अमेरिका और चीन पर निर्भरता कम करने का समर्थन किया है। इसको लेकर एक सर्वे किया गया, जिससे पता चला है कि फिनलैंड के लोगों ने यूरोपीय संघ द्वारा अमेरिका और चीन पर अपनी आर्थिक और तकनीकी निर्भरता कम करने का समर्थन किया है।

सरकार से समर्थित दो थिंक-टैंक, फिनिश इनोवेशन फंड (सिट्रा) और फिनिश बिजनेस एंड पॉलिसी फोरम (ईवा) के प्रकाशित हुए एक सर्वे के मुताबिक, 77 फीसदी जवाब देने वालों ने कहा कि यूरोप को अमेरिका पर अपनी तकनीकी और आर्थिक निर्भरता कम करनी चाहिए, भले ही इससे द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़े। हालांकि, फिनलैंड की येल ने बताया कि नौ फीसदी जवाब देने वाले इसके खिलाफ थे।

रिसर्चर्स ने बयान में कहा, “यह सीधे तौर पर अमेरिका-विरोधी नहीं है। ऐसा लगता है कि फिनलैंड के लोग सुरक्षा सहयोग के साथ ही आर्थिक और तकनीकी निर्भरता के बीच फर्क करते हैं।”

लगभग तीन-चौथाई जवाब देने वालों ने सुरक्षा कारणों से एनर्जी नेटवर्क, पोर्ट और दूसरे रणनीतिक एसेट्स पर ज्यादा कड़े प्रतिबंधों का समर्थन किया। इतने ही जवाब देने वालों ने कहा कि यूरोपीय फर्मों को पब्लिक प्रोक्योरमेंट में समर्थन किया जाना चाहिए, भले ही इसका मतलब ज्यादा कीमतें हों।

लगभग चार में से तीन जवाब देने वालों ने चीन पर निर्भरता कम करने के लिए भारत, ब्राजील या वियतनाम जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के साथ साझेदारी बनाने का समर्थन किया।

ज्यादातर जवाब देने वालों ने कहा कि जरूरत पड़ने पर जलवायु लक्ष्यों से ज्यादा सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। लगभग दो-तिहाई जवाब देने वालों ने बैटरी और इलेक्ट्रिक कारों जैसी चीन पर यूरोप की तकनीकी निर्भरता कम करने का समर्थन किया, भले ही इससे क्लाइमेट एक्शन धीमा हो जाए।

येल की रिपोर्ट के मुताबिक, जब पूछा गया कि ईयू को भविष्य में किन मुद्दों पर ज्यादा जोर देना चाहिए, तो जवाब देने वालों ने आत्मनिर्भरता और सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा।

लगभग 65 फीसदी जवाब देने वालों ने कहा कि आम सुरक्षा पर ज्यादा जोर दिया जाना चाहिए, जबकि 44 फीसदी ने कहा कि क्लाइमेट चेंज के खिलाफ लड़ाई पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

यह सर्वे मार्च में टैलौस्टुटकिमस ने किया था और मेनलैंड फिनलैंड के 2,000 से ज्यादा वयस्कों और ईयू से बुलाए गए 34 एक्सपर्ट्स से जवाब लिए गए थे। इसमें बताया गया कि गलती का मार्जिन दोनों तरफ 2–3 फीसदी पॉइंट है।