चेन्नई, 10 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के कुछ ही घंटों बाद टीवीके अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय ने रविवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में अहम प्रशासनिक नियुक्तियां शुरू कीं। उन्होंने वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों-पी. सेंथिल कुमार और जी. लक्ष्मी प्रिया को अपना मुख्य सहयोगी नियुक्त किया।
सेंथिल कुमार (पहले स्वास्थ्य विभाग के सचिव के तौर पर काम कर चुके हैं) को मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव-1 का पद भी दिया गया है।
वरिष्ठ आईएएएस अधिकारी लक्ष्मी प्रिया (जो आदि द्रविड़ कल्याण विभाग की सचिव के तौर पर काम कर रही थीं) को मुख्यमंत्री का विशेष सचिव-2 नियुक्त किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में तीसरे विशेष सचिव की नियुक्ति भी होने की उम्मीद है।
परंपरा के अनुसार, तमिलनाडु के मुख्यमंत्रियों की सहायता के लिए सीएमओ में एक संयुक्त सचिव और तीन विशेष सचिव होते हैं। इनके बीच अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं।
ये नियुक्तियां विजय के औपचारिक रूप से तमिलनाडु सचिवालय में पदभार संभालने के तुरंत बाद हुई हैं। इससे पहले, दिन में जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में उनका शपथ ग्रहण समारोह हुआ था।
सचिवालय पहुंचने पर विजय को पुलिस द्वारा औपचारिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। इसके बाद वे मुख्यमंत्री के कक्ष में गए, जहां वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया और उन्हें प्रशासनिक औपचारिकताओं के बारे में जानकारी दी।
सचिवालय में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर पहली बार बैठने से पहले विजय काफी भावुक नजर आए। वरिष्ठ मंत्री केए सेंगोत्तैयान उन्हें अपनी सीट पर बैठने के लिए प्रोत्साहित करते दिखे। इसके बाद विजय मुस्कराए और फिर औपचारिक रूप से पदभार संभाला।
विधानसभा सचिव श्रीनिवासन ने नए मुख्यमंत्री को बधाई दी, जबकि वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों ने उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। सचिवालय में हुई इस बातचीत के दौरान कई अधिकारियों ने नए मुख्यमंत्री को अपना परिचय भी दिया।
इन नई नियुक्तियों को एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली पिछली डीएमके सरकार से प्रशासनिक बदलाव के एक हिस्से के तौर पर भी देखा जा रहा है।
स्टालिन के कार्यकाल के दौरान वरिष्ठ आईएएस अधिकारी उदयचंद्रन, शनमुगम और अनु जॉर्ज मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव के तौर पर कार्यरत थे।
बाद में हुए बदलावों के तहत, 2024 में उदयचंद्रन का वित्त विभाग में तबादला होने के बाद उमानाथ को इस पद पर नियुक्त किया गया था।

