ममता बनर्जी ने 15 सालों में बंगाल को कंगाल बनाने का काम किया: रामदास आठवले

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मुंबई, 10 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने अखिलेश यादव द्वारा ईवीएम को समाप्त करने पर की गई टिप्पणी का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख को संविधान की ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है; उनको अपनी पार्टी की चिंता करनी चाहिए, क्योंकि संविधान की चिंता करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार है। अगर बैलेट पेपर से जुड़ा कानून होता तो हमें उससे भी कोई दिक्कत नहीं होती। लेकिन जब वो सत्ता में होते हैं तो वो यह सवाल नहीं उठाते हैं। लोकसभा में जब समाजवादी पार्टी की ज्यादा सीटें आईं तो उन्होंने ईवीएम को लेकर कोई सवाल नहीं उठाया।

केंद्रीय मंत्री ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उन आरोपों को खारिज किया, जिसमें उन्होंने एनआरसी जैसे कानून के माध्यम से मुसलमानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया था। इस पर उन्होंने कहा कि एनआरसी के माध्यम से किसी मुसलमान को नुकसान पहुंचाने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। मुसलमान भी भारत के नागरिक हैं; उनको सभी संवैधानिक अधिकार प्राप्त हैं। ऐसे में मुसलमानों को खत्म करना केवल एक कपोल कल्पित बात है। असदुद्दीन ओवैसी बिना किसी आधार के ऐसी बातें करते हैं। सरकार की सभी योजनाओं का लाभ उनको मिल रहा है, फिर उनको खत्म करने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

उन्होंने ममता बनर्जी द्वारा भाजपा के खिलाफ संयुक्त विपक्ष मंच बनाने के आह्वान की आलोचना की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब भाजपा और एनडीए को सत्ता मिलती है तो विपक्ष चुनाव आयोग और ईवीएम पर तमाम सवाल उठाता है, इसके विपरीत जब विपक्षी दलों की ज्यादा सीटें आती हैं तो हम निर्वाचन आयोग और ईवीएम को कोई दोष नहीं देते। इससे पहले 2021 में जब ममता बनर्जी को 215 सीटें मिली थी तो हमने अपनी हार का ठीकरा ईवीएम पर नहीं फोड़ा। ममता बनर्जी 15 साल तक बंगाल की मुख्यमंत्री रहीं और बंगाल को कंगाल करने का काम उन्होंने किया। दीदी ने वहां राजनीतिक अपराध को बढ़ावा दिया, यही वजह है कि वहां के लोग ममता बनर्जी से तंग आ चुके थे और उन्होंने मतदान के दिन भारी संख्या में मतदान किया।

आठवले ने कहा कि पांच राज्यों से तीन राज्यों में एनडीए की सरकार आई है। तमिलनाडु में मैंने टीवीके प्रमुख विजय थलपति को एनडीए में आने का न्योता दिया था। अगर वह एनडीए का समर्थन मांगते तो भाजपा और एआईएडीएमके गठबंधन उनका सपोर्ट करता। तमिलनाडु ने एक अभिनेता को चुना है।

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने विजय के तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण पर प्रतिक्रिया व्यक्त की और राहुल गांधी के समारोह में शामिल होने पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अभी तो राहुल गांधी ने विजय के साथ हाथ से हाथ मिलाया, लेकिन पता नहीं कब पांव से पांव मिला लें।