मंत्री न बनाए जाने पर विधायक आशा मौर्या का छलका दर्द, बोलीं- 35 साल की निष्ठा के बाद भी पीड़ा

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लखनऊ, 10 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार में जगह न मिलने के बाद आशा मौर्या की भावनाएं सार्वजनिक रूप से सामने आई हैं। सीतापुर विधायक ने सोशल मीडिया पर जारी भावुक संदेश में पार्टी और संगठन के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए कहा कि 35 वर्षों तक समर्पण भाव से कार्य करने के बावजूद मन में ‘थोड़ी पीड़ा’ अवश्य है, लेकिन इससे उनके संकल्प और जिम्मेदारियां कमजोर नहीं होंगी।

सीतापुर के महमूदाबाद से भाजपा विधायक आशा मौर्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि आप सभी पत्रकार बंधुओं, देश-प्रदेश से प्राप्त हुए फोन कॉल, सोशल मीडिया के माध्यम से शुभकामनाएं एवं समर्थन देने वाले सभी शुभचिंतकों, समर्थकों और स्नेह रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति का हृदय से आभार एवं धन्यवाद। आप सभी का प्रेम, आशीर्वाद और विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। आपके स्नेह और समर्थन ने सदैव मुझे समाज एवं संगठन के लिए निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी है।

उन्होंने आगे लिखा कि पार्टी और संगठन के लिए पिछले 35 वर्षों से पूर्ण समर्पण भाव, निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए सदैव संगठन हित को सर्वोपरि रखा है। जनसेवा और समाजहित के लिए निरंतर कार्य करना ही मेरे जीवन का उद्देश्य रहा है और आगे भी पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करती रहूंगी।

विधायक ने लिखा कि एक समर्पित कार्यकर्ता होने के नाते कहीं न कहीं मन में थोड़ी पीड़ा अवश्य हुई है, क्योंकि वर्षों की मेहनत, संघर्ष और निष्ठा हर कार्यकर्ता के लिए भावनात्मक रूप से जुड़ी होती है, लेकिन यह पीड़ा मेरे संकल्प को कमजोर नहीं करेगी, बल्कि समाज और संगठन के प्रति मेरी जिम्मेदारियों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।

उन्होंने आगे लिखा कि मैं पहले भी पार्टी एवं संगठन के प्रति पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करती रही हूं और आगे भी सदैव संगठन एवं समाज हित में कार्य करती रहूंगी। समाज के सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों की लड़ाई आगे भी पूरी मजबूती, सत्यनिष्ठा और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ जारी रहेगी।

बता दें कि यूपी में बहुप्रतीक्षित मंत्री मंडल विस्तार में महमूदाबाद की विधायक आशा मौर्या का नाम काफी चर्चा में था, लेकिन शपथ गृहण की सूची में उनका नाम नहीं था।