स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 के अंतर्गत पूर्वी भारत के 115 जिलों में भागलपुर प्रथम पायदान पर

0
4

भागलपुर, 10 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के सबसे बड़े स्वच्छता सर्वेक्षण – स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 का गत वर्ष शुभारंभ किया गयाथा, जिसका,उद्देश्य सतत स्वच्छ जल सुरक्षा और स्वच्छता मॉडल के परिणामों का आकलन और सुदृढ़ीकरणरण करना तथा स्वच्छता प्रगति के आधार पर ग्रामीण भारत का स्थान निर्धारित करना था।

एसएसजी 2025 के अंतर्गत 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 761 जिलों के 21,000 गांवों को शामिल किया गया। एसएसजी 2025 का उद्देश्य ग्रामीण स्वच्छता की जमीनी स्थिति का गहन मूल्यांकन करना था, जिसमें एसबीएम-जी के तहत खुले में शौच मुक्त, ओडीएफ प्लस मॉडल गांव के परिणामों को बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके तहत निर्धारित मात्रात्मक और गुणात्मक स्वच्छता मापदंडों के आधार पर भारत के सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और जिलों की राष्ट्रीय रैंकिंग प्रदान की गई।

इसी क्रम में एसएसजी-2025 के माध्यम से ग्राम मूल्यांकन के जरिए एसबीएम-जी की प्रगति का आकलन किया गया। इसमें घरों और सार्वजनिक स्थानों का सर्वेक्षण करके विभिन्न स्वच्छता मापदंडों पर उनकी स्थिति का मूल्यांकन, जिनमें प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों (पीडब्लूएमयू), मल कीचड़ प्रबंधन (एफएसएम) संयंत्रों, गोबर्धन संयंत्र की कार्यक्षमता, नागरिकों की प्रतिक्रिया आदि स्थल शामिल किया गया है।

स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 के तहत पूरे ग्रामीण भारत को 7 जोन में विभक्त कर सर्वेक्षण कार्य परिणाम घोषित किए गए। पूर्वी जोन के चार राज्य यथा बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, एवं झारखण्ड के 115 जिलों में भागलपुर जिले को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।

भागलपुर भाप्रसे उप विकास आयुक्त प्रदीप सिंह ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में पूर्वी जोन के 114 जिलों को पीछे छोड़ते हुए भागलपुर अव्वल रहा; यह भागलपुर वासियों के लिए हर्ष का विषय है। भारत सरकार के सबसे बड़े स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रथम स्थान रहने से संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी का मनोबल में वृद्धि होती है तथा आगे के कार्य में इससे जोश एवं शक्ति के साथ सफलता की ओर अग्रसर होते हैं।