पंजाब में नशा, खनन माफिया पर लगाम नहीं; सरकारी दफ्तरों पर पार्टी का कब्जा: ज्ञान सिंह मान

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चंडीगढ़, 11 मई (आईएएनएस)। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान के भाई ज्ञान सिंह मान सोमवार को भाजपा में शामिल हो गए। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ की मौजूदगी में ज्ञान सिंह मान ने पार्टी की सदस्यता ली। भाजपा में शामिल होने के बाद ज्ञान सिंह मान ने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में ज्ञान सिंह मान ने कहा कि 2014 से पार्टी ने पंजाब को बचाने, भ्रष्टाचार रोकने, नशे और खनन माफिया पर लगाम लगाने जैसे बड़े वादे किए थे, लेकिन 2022 में सरकार बनने के बाद इन मुद्दों पर कोई ठोस काम नहीं हुआ। न तो पंजाब में अवैध खनन रुका और न ही नशे पर नियंत्रण हो सका। मुझे उन्हें देखे हुए करीब 4 से 4.5 साल हो गए हैं और इस स्थिति से मैं बेहद दुखी हूं। पार्टी वह नहीं कर रही है, जो उसे पंजाब के लिए करना चाहिए था।

ज्ञान सिंह मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की नीतियों और कार्यशैली से जनता में निराशा बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में चुनाव हारने के बाद पार्टी के नेता पंजाब में सक्रिय हो गए और उन्होंने सरकारी तंत्र में अपने लोगों को बैठाना शुरू कर दिया।

उन्होंने कहा कि यह पूरे पंजाब में साफ दिखाई दे रहा है। हर दफ्तर में अपने लोगों को बैठा दिया गया है और हर चीज पर कब्जा कर लिया गया है। पंजाब के लोगों ने कभी सोचा भी नहीं था कि ऐसा होगा।

भाजपा में शामिल होने के अपने फैसले को सही ठहराते हुए ज्ञान सिंह मान ने कहा कि उन्होंने भाजपा की नीतियों और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत को देखते हुए यह कदम उठाया है। उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा के साथ मिलकर वह पंजाब के विकास और जनहित के मुद्दों पर काम करेंगे।