कोलकाता, 11 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद दिलीप घोष मृत्तिका भवन स्थित अपने कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ पहली बैठक कर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं और योजनाओं को साझा किया।
दिलीप घोष ने बताया कि उन्हें पंचायत, ग्रामीण विकास और कृषि जैसे तीन महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग राज्य का सबसे बड़ा विभाग है, जो गांवों के समग्र विकास के लिए बेहद अहम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विभिन्न गरीब कल्याण योजनाएं, जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाएं, इसी विभाग के अंतर्गत आती हैं, जिससे इसकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
उन्होंने बताया कि पदभार संभालने के बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की है, जिसमें वर्तमान कार्यों की स्थिति, चुनौतियों और आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। हम एक बार फिर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे, ताकि काम की गति और दिशा स्पष्ट हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से उनकी बातचीत हुई है, जिसमें फंड आवंटन को लेकर चर्चा की गई है और जल्द ही आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराए जाने की उम्मीद है।
विभाग में कर्मचारियों की कमी को बड़ी चुनौती बताते हुए दिलीप घोष ने कहा कि करीब 6,500 कर्मचारियों की भर्ती जरूरी है। पर्याप्त मैनपावर के बिना योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सिर्फ फंड आने से काम नहीं चलता; काम करने के लिए मैनपावर और मनीपावर दोनों जरूरी हैं। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में वह जिलों का दौरा कर जमीनी स्तर पर काम की समीक्षा करेंगे। हम यह देखेंगे कि कहां कितना काम हुआ है, कहां कमी रह गई है, और किन जगहों पर गड़बड़ियां हुई हैं। उसी के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

