कोलकाता, 11 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को सोमवार को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया।
एक अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी गई है कि राज्यपाल ने 1990 बैच के आईएएस अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पश्चिम बंगाल एवं गृह एवं पहाड़ी मामलों (चुनाव) विभाग के पदेन अतिरिक्त मुख्य सचिव को पश्चिम बंगाल का मुख्य सचिव नियुक्त किया है।
हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में मनोज कुमार अग्रवाल की अहम भूमिका रही। पहले से ही प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा थी कि अग्रवाल को मुख्य सचिव बनाया जाएगा। अब इस पर सभी अटकलें खत्म हो गई हैं और उनकी नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा हो गई है।
हालांकि, वर्तमान मुख्य सचिव दुष्यंत नरियाला की नई पोस्टिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। सूत्रों के अनुसार, उन्हें केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा सकता है।
मनोज कुमार अग्रवाल 1990 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के आईएएस अधिकारी हैं और चुनाव आयोग ने उन्हें तीन नामों के पैनल में से मुख्य निर्वाचन अधिकारी पद के लिए प्राथमिकता दी थी।
इसके पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त विशेष पोल ऑब्जर्वर सुब्रत गुप्ता को राज्य के नए और नौवें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का सलाहकार नियुक्त किया गया।
7 मई को चुनाव आयोग ने सुब्रत गुप्ता और विशेष पुलिस ऑब्जर्वर को उनकी चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया था।
शनिवार को सुवेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर सब्रता गुप्ता को उनका सलाहकार नियुक्त करने की घोषणा की।
सुब्रत गुप्ता 1990 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। वे तकनीकी विशेषज्ञ (टेक्नोक्रेट) हैं और आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र हैं। विशेष पोल ऑब्जर्वर के रूप में उन्हें चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के लिए तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावी उपयोग के लिए सराहा गया था।
चुनाव से पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान तकनीक और एआई के उपयोग से आयोग को अवैध मतदाताओं की पहचान करने और फर्जी नाम हटाने में मदद मिली।

