मुंबई, 12 मई (आईएएनएस)। शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रवक्ता संजय निरुपम ने राज ठाकरे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन और सोने की खपत कम करने की अपील की आलोचना करने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्ष पर मानसिक रूप से विक्षिप्त होने का आरोप लगाया।
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं और एक नया संकट उत्पन्न हो सकता है, इसलिए खर्च पर लगाम लगाएं। प्रधानमंत्री ने लोगों को यथासंभव विदेशी मुद्रा बचाने की सलाह दी और इस दिशा में मार्गदर्शन भी दिया। मेरा मानना है कि देश की जनता ने प्रधानमंत्री की अपील को स्वीकार कर लिया है, लेकिन विपक्ष के नेता विरोध कर रहे हैं। इस विरोध के कारण विपक्ष का और भी बुरा हाल होगा।”
संजय निरुपम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जबसे देशवासियों से मितव्ययी होने की अपील की है और कहा कि एक साल सोना मत खरीदिए, डीजल-पेट्रोल और खाने के तेल की खपत कम करिए, तब से पूरा विपक्ष मानसिक रूप से विक्षिप्त हो गया है। दिल्ली से लेकर मुंबई तक सारे विपक्षी कभी प्रधानमंत्री के प्रोटोकॉल पर सवाल उठा रहे हैं, कभी अर्थव्यवस्था के आसन्न संकट के लिए सरकार को दोष दे रहे हैं।”
उन्होंने विपक्ष से सवाल किया, “क्या पश्चिम एशिया का युद्ध हमने शुरू किया? वैश्विक अर्थव्यवस्था के इस दौर में युद्ध कहीं भी हो, उसका साया क्या हम पर नहीं पड़ेगा? विपक्ष अपनी कुंठा के कारण प्रधानमंत्री के प्रोटोकॉल पर सवाल उठाकर उनकी सुरक्षा का महत्व कम कर रहा है। क्या प्रधानमंत्री भी पैदल चलें? क्या वे अपनी गाड़ी खुद चलाएं या वे भी वर्क फ्रॉम होम करें? विपक्षी समझेंगे कब?”
संजय निरुपम ने आगे कहा, “फिलहाल कोई संकट नहीं है। डीजल-पेट्रोल पर्याप्त है। विदेशी मुद्रा का भंडार भी ठीक है। विदेशी संस्थाएं मार्केट से हाथ खींच रही हैं, इसलिए भविष्य में विदेशी मुद्रा का संकट पैदा हो सकता है, इसलिए सोने की खरीद टालने का सुझाव है। यह चिंता सिर्फ प्रधानमंत्री की नहीं, देश के हर नागरिक की होनी चाहिए, लेकिन विपक्ष मानसिक रूप से इतना दिवालिया हो गया है कि संकट की इस घड़ी में भी राजनीति करने से बाज नहीं आ रहा है।”
पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस की ईडी द्वारा गिरफ्तारी पर शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा, “पश्चिम बंगाल के एक पूर्व मंत्री को ईडी ने गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की। मुझे लगता है कि ये सुजीत बोस हैं। उन्होंने नगरपालिकाओं में नौकरियों के नाम पर एक बड़ा रैकेट चलाया था। बताया जाता है कि उनकी तरफ से करीब 150 सिफारिशें मिली हैं। हर नौकरी के लिए उन्होंने पैसे लिए थे। बोस के बैंक खाते में करोड़ों रुपए का लेन-देन हुआ है, जो भ्रष्टाचार की पोल खोल रहा है। इस मामले में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की भूमिका संदिग्ध लग रही है। ममता दीदी के सरकार में हुए घोटाले की व्यापक जांच होनी चाहिए और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो।”

