जम्मू, 12 मई (आईएएनएस)। भाजपा विधायक अरविंद गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के संदेश में देश के सामने मौजूद वैश्विक और आर्थिक चुनौतियों के प्रति चिंता झलकती है। वहीं, जम्मू और कश्मीर ट्रेड फेडरेशन, नेहरू मार्केट के अध्यक्ष दीपक गुप्ता ने भी पीएम मोदी की अपील का समर्थन करते हुए राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण कदम बताया।
भाजपा विधायक अरविंद गुप्ता ने कहा, “भारत 2047 के विजन के साथ एक विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है। कोविड के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की अपीलों ने देश को महामारी से उबरने में मदद की, साथ ही अर्थव्यवस्था को स्थिर रखते हुए 140 करोड़ लोगों के कल्याण को सुनिश्चित किया। भारत ने न केवल घरेलू स्तर पर टीके विकसित किए, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर भी आपूर्ति की। कोविड के बाद रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष ने विश्व भर की अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित किया, लेकिन सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि नागरिकों को इसका बोझ न उठाना पड़े। प्रधानमंत्री मोदी ने अब लोगों से राष्ट्रीय हित में अनावश्यक विदेश यात्रा से बचने, विदेशी मुद्रा बचाने, इलेक्ट्रिक वाहनों, सार्वजनिक परिवहन और कार पूलिंग का उपयोग करने और एक वर्ष के लिए सोना न खरीदने की अपील की है। यह अपील राष्ट्रहित के लिए है और लोगों को इस पर अमल करना चाहिए।”
दीपक गुप्ता ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, “प्रधानमंत्री की अपील राष्ट्रहित में है। वैश्विक स्थिति के कारण पड़ोसी देशों में तेल की कीमतें आसमान छू गईं और रेस्तरां भी बंद हो गए, लेकिन भारत में ऐसा नहीं हुआ। प्रधानमंत्री ने आयात कम करने की अपील की है, चाहे वह तेल, डीजल, कपड़े हों या अन्य वस्तुएं हों। उदाहरण के लिए, भारत सरसों का तेल घरेलू स्तर पर उत्पादित करता है, लेकिन फिर भी सोयाबीन और सूरजमुखी का तेल आयात करता है। ऐसे में कम इस्तेमाल करने से आयात कम होगा और विदेशी मुद्रा की बचत होगी, खासकर जब डॉलर महंगा हो गया है। प्रधानमंत्री ने लोगों से विदेश यात्रा कम करने की भी अपील की है, जो स्पष्ट रूप से देश को मजबूत करने और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने के उनके इरादे को दर्शाता है। हमें यह प्रयास अपने घरों से शुरू करना चाहिए। हम भी परिवार में तेल की खपत कम करने का प्रयास करेंगे। ऐसे कदम देश की प्रगति में योगदान देंगे और भारत को वैश्विक नेता बनने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “सरसों और रिफाइंड तेल का इस्तेमाल भारत में भरपूर होता है। लगभग 99.9 फीसदी सरसों का तेल भारत में ही उत्पादित होता है, इसलिए इसकी कोई कमी नहीं है, लेकिन रिफाइंड तेल का अधिकांश हिस्सा विदेशों से आयात किया जाता है। हमें भारत में खर्च करने और घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने पर ध्यान देना चाहिए।”

