सुवेंदु सरकार ने कोलकाता में लगी आग के संबंध में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया, जांच समिति गठित

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कोलकाता, 12 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार ने मंगलवार को पुलिस को पूर्वी कोलकाता के तिलजला इलाके में सुबह हुई आग की घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। इस घटना में दो लोगों की जान चली गई थी।

राज्य सरकार ने आग लगने वाली जगह का विस्तृत सर्वेक्षण करने और बुधवार सुबह तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए एक समिति का गठन भी किया है।

सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया, “आग में 2 लोगों की मृत्यु हो गई और 5 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। इस घटना से हुए भारी जानमाल के नुकसान को देखते हुए कोलकाता पुलिस को तत्काल इस मामले में एक विशिष्ट एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया।”

आदेश में आगे कहा गया है, “इसके अलावा, घटना स्थल का विस्तृत सर्वेक्षण करने और घटना से संबंधित सभी प्रासंगिक दस्तावेजों की जांच करने के लिए निम्नलिखित अधिकारियों वाली एक विभागीय समिति का गठन किया जाता है। समिति विस्तृत जांच और सर्वेक्षण करेगी और 13 मई को सुबह 11:00 बजे तक अधोहस्ताक्षरी को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।”

गौरतलब है कि मंगलवार दोपहर पूर्वी कोलकाता के तिलजला इलाके में जीजे खान रोड पर एक बहुमंजिला इमारत में आग लगने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग झुलस गए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, 50/1 जीजे खान रोड स्थित चार मंजिला इमारत की दूसरी मंजिल पर आग लग गई। आग देखते ही देखते फैल गई और जल्द ही चारों ओर काला धुआं छा गया। लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। चार दमकल गाड़ियां एक-एक करके मौके पर पहुंचीं।

आग इतनी भीषण थी कि कमरे में मौजूद सात लोग उस समय फंस गए थे। बताया जाता है कि सभी ने अपनी जान बचाने के लिए बाथरूम में शरण ली थी। हालांकि, वहां भी काले धुएं के कारण दम घुटने जैसी स्थिति पैदा हो गई। दमकलकर्मियों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन यह संभव नहीं हो सका। बाद में सभी लोगों को झुलसी हुई हालत में निकाला गया और कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने उनकी जांच की और उनमें से दो को मृत घोषित कर दिया।

दमकल विभाग के अनुसार, दोनों की मौत गंभीर सांस लेने में तकलीफ के कारण हुई। बाकी पांच लोगों की हालत भी गंभीर है। आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। हालांकि, आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।