सीएम विजय ने विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश किया, कांग्रेस, वाम दल और वीसीके ने दिया समर्थन

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चेन्नई, 13 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को राज्य विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश किया। सदन के पटल पर प्रस्ताव पेश होने के तुरंत बाद कांग्रेस विधायक दल और सीपीआई, सीपीआई (एम) के विधायकों ने औपचारिक रूप से विजय के नेतृत्व वाली सरकार को अपना समर्थन दिया।

‘विदुथलाई चिरुथैगल कझगम’ (वीसीके) के सदस्यों ने भी विश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया, जिससे यह संकेत मिला कि नई सरकार को उसके गठबंधन सहयोगियों से व्यापक समर्थन प्राप्त है।

एआईएडीएमके के बागी विधायकों के एक गुट जिसका नेतृत्व वरिष्ठ नेता सीवी षणमुगम और एसपी वेलुमणि कर रहे थे, ने भी विश्वास मत की कार्यवाही के दौरान विजय सरकार को अपना समर्थन दिया। इस कदम ने एआईएडीएमके के भीतर के आंतरिक संकट को और गहरा कर दिया है। विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद से ही पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर तीखी खींचतान चल रही है।

यह विश्वास मत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन 234 सदस्यों वाली विधानसभा में वह बहुमत के आंकड़े से कुछ पीछे रह गई थी। इसके बाद पार्टी ने कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई (एम) के समर्थन से सरकार बनाई।

विश्वास प्रस्ताव पर हुई बहस में हिस्सा लेते हुए वीसीके विधायक वन्नी अरसु ने नीतिगत स्तर पर कई मांगें रखीं। उन्होंने नई सरकार से आग्रह किया कि वह प्रगतिशील सुधारों को अपनाए और जन-कल्याणकारी शासन व्यवस्था को जारी रखे। विधानसभा को संबोधित करते हुए अरसु ने अंधविश्वास से जुड़ी प्रथाओं जिनमें ज्योतिष भी शामिल है के खिलाफ एक सख्त कानून बनाने की मांग की।

उन्होंने तर्क दिया कि पूरे समाज में वैज्ञानिक सोच और तर्कसंगत विचारों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उनकी इन टिप्पणियों ने सदन का ध्यान अपनी ओर खींचा क्योंकि यह मुद्दा लंबे समय से तमिलनाडु के तर्कवादी राजनीतिक विमर्श का एक अहम हिस्सा रहा है।

वीसीके विधायक ने सरकार से यह भी आग्रह किया कि वह तमिलनाडु के मछुआरों की गिरफ्तारी की बार-बार सामने आने वाली समस्या को हल करने के लिए तत्काल कूटनीतिक और प्रशासनिक कदम उठाए। ये गिरफ्तारियां तब होती हैं जब मछुआरे ‘अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा’ के पास मछली पकड़ रहे होते हैं और श्रीलंकाई नौसेना उन्हें पकड़ लेती है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तटीय जिलों के मछुआरों की आजीविका और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके अलावा, अरसु ने विजय सरकार से अपील की कि वह पिछली डीएमके सरकार द्वारा शुरू की गई अहम कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखे, जिनमें स्कूली छात्रों के लिए ‘ब्रेकफास्ट स्कीम’ भी शामिल है।

विधानसभा की कार्यवाही जबरदस्त राजनीतिक गहमागहमी के बीच जारी रही, जिसमें सत्ताधारी गठबंधन विश्वास मत जीतने के लिए जरूरी संख्या जुटाने की स्थिति में मजबूती से नजर आ रहा है।