Saturday, June 27, 2026
SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय बिहार में सरकारी कर्मियों का डीए बढ़ा, कैबिनेट में मिली मंजूरी

बिहार में सरकारी कर्मियों का डीए बढ़ा, कैबिनेट में मिली मंजूरी

0
24

पटना, 13 मई (आईएएनएस)। बिहार सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के डीए में वृद्धि की है। बुधवार को बिहार कैबिनेट की बैठक में इसकी मंजूरी दी गई है। बिहार में अब सप्तम केंद्रीय पुनरीक्षित वेतन संरचना के तहत कर्मियों को 58 प्रतिशत के बजाय 60 प्रतिशत डीए मिलेगा।

वहीं, छठे वेतनमान वालों का भत्ता 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत और पांचवे वेतनमान वालों का 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दिया गया है। यह वृद्धि 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से लागू होगी। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कुल 19 प्रस्तावों की मंजूरी दी गई। बैठक के बाद एक अधिकारी ने बताया कि बैठक में अपराध एवं साम्प्रदायिक रूप से अत्यंत संवेदनशील राज्य के पांच जिलों पूर्वी चम्पारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली एवं सिवान जिले में पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण के कुल पाँच पदों के सृजन की भी स्वीकृति दी गई है।

बैठक में औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए वैशाली जिले में 1243.45 एकड़ रैयती भूमि का आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार, पटना के माध्यम से अधिग्रहण के लिए प्रक्रियाधीन भूमि में से 100 एकड़ भूमि पर राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान की स्थापना के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार को निःशुल्क हस्तांतरण की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। भूमि चयन पर अंतिम निर्णय के लिए निदेशक परिषद, आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार, बिहार, पटना को प्राधिकृत किया गया है। सरकार ने मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना को भी मंजूरी दे दी है। योजना का मुख्य उद्देश्य वाहनजनित प्रदूषण कम करना और वर्ष 2030 तक नए वाहनों की कुल बिक्री में कम-से-कम 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है।

यह वैश्विक “ईवी 30एट30” अभियान को भी सहयोग देगा। सरकार का मानना है कि योजना से लोगों में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति स्वीकार्यता बढ़ेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की सुविधा उपलब्ध होगी और वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। राज्य सरकार ने बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए “बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन” के तहत सिंगापुर की संस्था “ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क” का चयन किया गया है।

सरकार के अनुसार, इस संस्था की मदद से राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पारिस्थितिकी तंत्र, कौशल विकास और नवाचार को मजबूत किया जाएगा। राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पारिस्थितिकी तंत्र, कौशल विकास एवं नवाचार को सुदृढ़ करने के लिए ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क, सिंगापुर को नामांकन के आधार पर चयन किया गया है तथा आर्यभट्ट दृष्टि परियोजना के क्रियान्वयन के लिए कुल 209 करोड़ की राशि की प्रशासनिक स्वीकृति भी बैठक में दी गई है।

–आईएएनएस

एमएनपी/एएस