सीबीएसई 12वीं बोर्ड की परीक्षा में 17 हजार छात्रों ने हासिल किए 95 प्रतिशत या उससे अधिक अंक

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नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी करने के साथ ही 90 प्रतिशत व उससे अधिक और 95 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले छात्रों का आंकड़ा भी जारी कर दिया है। एक लाख से अधिक छात्र इस श्रेणी में शामिल हुए हैं। हालांकि, इसके साथ ही सीबीएसई ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि बोर्ड इस वर्ष भी कोई मेरिट सूची जारी नहीं करेगा।

बोर्ड के मुताबिक, इस वर्ष भी विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस वर्ष उच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी बड़ी रही। 12वीं की बोर्ड परीक्षा में कुल 94028 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए। यह संख्या कुल सफल विद्यार्थियों का 5.32 प्रतिशत है। वहीं, 17 हजार 113 विद्यार्थियों ने 95 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल किए। यह संख्या कुल सफल विद्यार्थियों का 0.97 प्रतिशत रही।

विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों में से भी कई छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। ऐसे 276 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए, जबकि 48 विद्यार्थियों ने 95 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए। विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय सफलता दर्ज कर सभी का ध्यान आकर्षित किया है।

बोर्ड के अनुसार, विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की सफलता दर 90 प्रतिशत से अधिक रही, जो समावेशी शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। सीबीएसई द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, कक्षा 12वीं की परीक्षा में कुल 6397 विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 6342 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए और 5718 विद्यार्थी सफल घोषित किए गए। इस प्रकार इन विद्यार्थियों का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 90.16 रहा। बोर्ड ने इसे सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि मेहनत का नतीजा विद्यार्थियों के प्रदर्शन में दिखाई दे रहा है।

वहीं, कम्पार्टमेंट श्रेणी में आने वाले विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि भी दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में 1 लाख 29 हजार 095 विद्यार्थियों की कम्पार्टमेंट आई थी। यह कुल परीक्षार्थियों का 7.63 प्रतिशत था। वहीं, इस वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 1 लाख 63 हजार 800 हो गई। यह आंकड़ा कुल छात्रों का 9.26 प्रतिशत हो गया है। शिक्षा विशेषज्ञ इसे परीक्षा के बढ़ते प्रतिस्पर्धी स्तर और मूल्यांकन प्रक्रिया की सख्ती से जोड़कर देख रहे हैं।

इस वर्ष देशभर में छात्र-छात्राओं का कुल पासिंग प्रतिशत 85.20 रहा। इस वर्ष का रिजल्ट, यानी पास होने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत, पिछले वर्ष की तुलना में 3.19 प्रतिशत कम है। वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 88.39 प्रतिशत था। इस वर्ष सीबीएसई बोर्ड ने पहली बार छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं जांचने के लिए पूरी तरह ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ प्रणाली लागू की है।

बोर्ड के अनुसार, यह अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल मूल्यांकन अभियान है। इसके तहत 98,66,622 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन डिजिटली किया गया।