इक्सिगो ने लॉन्च किया एआई-आधारित नया ट्रैवल ऐप, अब यात्री एआई असिस्टेंट से बात करके कर सकेंगे यात्रा की प्लानिंग

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    नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म इक्सिगो ने अपने ऐप का नया एआई-आधारित वर्जन लॉन्च किया है। कंपनी का कहना है कि भविष्य में यात्रा की प्लानिंग सिर्फ स्क्रीन पर क्लिक करके नहीं, बल्कि एक स्मार्ट एआई ट्रैवल साथी से बातचीत करके होगी। कंपनी ने अपने प्रमुख टेक इवेंट ‘इक्सिगो नेक्स्ट’ में इस नए प्लेटफॉर्म को पेश किया।

    इक्सिगो के सह-संस्थापक और ग्रुप को-सीईओ रजनीश कुमार ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए इसके बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि इस नए ऐप में ‘तारा’ नाम का एक मल्टीमॉडल एआई असिस्टेंट जोड़ा गया है, जो यात्रियों को यात्रा खोजने, प्लान बनाने और सफर मैनेज करने में मदद करेगा।

    उन्होंने बताया कि अब यूजर्स को पारंपरिक तरीके से टिकट बुकिंग करने की जरूरत कम पड़ेगी और वे सामान्य बातचीत के जरिए अपनी ट्रैवल जरूरतें पूरी कर सकेंगे।

    आईएएनएस से रजनीश कुमार ने कहा, “नए इक्सिगो ऐप को शुरुआत से ही एआई-नेटिव प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने केवल ऐप में एआई फीचर जोड़ने का काम नहीं किया, बल्कि पूरे प्लेटफॉर्म को एआई को केंद्र में रखकर दोबारा बनाया है।”

    उन्होंने कहा, “हम मानते हैं कि भविष्य में ट्रैवल इंडस्ट्री एआई-आधारित एजेंट्स के जरिए चलेगी। ऐसा एआई जो यूजर की जरूरत समझ सके, खुद से मदद कर सके और यात्रा से पहले, यात्रा के दौरान और यात्रा के बाद भी लगातार सहायता प्रदान करे।”

    रजनीश कुमार ने बताया कि यूजर्स तारा से अंग्रेजी, हिंदी और हिंग्लिश में बातचीत कर सकते हैं। यह सुविधा आवाज, टेक्स्ट और टैप तीनों माध्यमों में उपलब्ध है। कंपनी जल्द ही इसमें अन्य भारतीय भाषाओं का भी समर्थन जोड़ने की तैयारी कर रही है।

    उन्होंने कहा कि सामान्य चैटबॉट्स की तरह तारा केवल एक अलग एपीआई-आधारित फीचर नहीं है, बल्कि इसे ऐप के मुख्य अनुभव का हिस्सा बनाया गया है।

    रजनीश कुमार ने कहा कि लोग अक्सर एआई को सिर्फ एक अतिरिक्त फीचर मान लेते हैं, लेकिन इससे वास्तविक बदलाव संभव नहीं है। उन्होंने कहा, “अगर आपको सच में एआई-आधारित प्लेटफॉर्म बनाना है, तो पूरे सिस्टम को शुरुआत से एआई को आधार बनाकर तैयार करना होगा।”

    उन्होंने कहा कि इक्सिगो हमेशा यूजर्स की समस्याओं को समझने और उनका समाधान निकालने पर ध्यान देता है। कंपनी पहले यह पहचानती है कि यात्रियों को किस तरह की परेशानी हो रही है और फिर उसी के अनुसार तकनीक विकसित करती है।

    एआई के कारण नौकरियों पर पड़ने वाले असर को लेकर रजनीश कुमार ने कहा कि हर नई तकनीक के आने पर शुरुआत में यह डर रहता है कि नौकरियां खत्म हो जाएंगी। लेकिन असल में तकनीक उन कामों को ऑटोमेट करती है जो बार-बार दोहराए जाने वाले या कम रुचिकर होते हैं।

    उन्होंने कहा कि यदि कोई तकनीक खत्म होने वाली नौकरियों से ज्यादा नए रोजगार पैदा करती है, तो उसका कुल प्रभाव सकारात्मक माना जाएगा। उनके मुताबिक, एआई नई तरह की नौकरियों और अवसरों को भी जन्म देगा।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोगों से एक साल तक विदेश यात्रा टालने की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए रजनीश कुमार ने कहा कि देश की वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखकर फैसले लेने चाहिए।

    उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री ने यह अपील पूरी सोच-विचार के बाद की है। इसलिए हमें उसका सम्मान करना चाहिए और उसका पालन करना चाहिए।”