Sunday, June 28, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति पश्चिम बंगाल में पशु वध को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी, उल्लंघन पर...

पश्चिम बंगाल में पशु वध को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

0
26

कोलकाता, 13 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में नवगठित भाजपा सरकार ने राज्य भर में अवैध और अनियमित पशु वधशालाओं पर व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने पशु बलि और विशेष रूप से गौ-वंश की हत्या को लेकर बेहद सख्त निर्देश जारी किया है। सरकार ने पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950 का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।

सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, कोई भी व्यक्ति बैल, बछड़ा, गाय, नर और मादा भैंस, भैंस के बछड़े और बधिया भैंस का वध तब तक नहीं करेगा, जब तक कि उसे इस संबंध में यह प्रमाण पत्र प्राप्त न हो जाए कि पशु वध के लिए उपयुक्त है।

वहीं, नगर पालिका के अध्यक्ष या पंचायत समिति के सभापति और एक सरकारी पशु चिकित्सक किसी पशु के वध के लिए उपयुक्त होने के संबंध में संयुक्त प्रमाण पत्र जारी कर सकते हैं, यदि दोनों लिखित रूप में सहमति जताएं कि पशु काम करने, 14 वर्ष से अधिक आयु, चोट, विकृति या किसी असाध्य रोग के कारण स्थायी रूप से अक्षम हो गया है।

आदेश में आगे कहा गया है कि यदि ऐसा प्रमाण पत्र जारी करने से इनकार किया जाता है तो पीड़ित व्यक्ति इनकार की सूचना प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर राज्य सरकार के समक्ष अपील कर सकता है।

सरकार ने अपने आदेश में कहा कि जिस पशु के संबंध में प्रमाण पत्र जारी किया गया है, उसका वध केवल नगर निगम के वधगृह या स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित किसी अन्य वधगृह में ही किया जाएगा। जिन पशुओं के लिए प्रमाण पत्र जारी किया गया है, उनका वध किसी भी खुले सार्वजनिक स्थान पर करना वर्जित होगा।

पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950 के प्रावधानों को लागू करने के लिए नगरपालिका के अध्यक्ष, पंचायत समिति के सभापति या सरकारी पशु चिकित्सक द्वारा अधिकृत व्यक्ति द्वारा किसी भी परिसर के निरीक्षण का कोई भी व्यक्ति विरोध नहीं करेगा।

जो कोई भी उपरोक्त किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करता है, उसे छह महीने तक के कारावास या 1,000 रुपए तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा। सन् 1950 अधिनियम के अंतर्गत सभी अपराध संज्ञेय होंगे।