बेंगलुरु, 13 मई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कर्नाटक सरकार के 2022 के स्कूल यूनिफॉर्म आदेश को वापस लेने और स्कूलों एवं कॉलेजों में हिजाब सहित सीमित पारंपरिक और धार्मिक प्रतीकों की अनुमति देने पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पत्र पोस्ट कर कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने गुपचुप तरीके से 5 फरवरी, 2022 के यूनिफॉर्म संबंधी आदेश को वापस ले लिया है और ‘सीमित पारंपरिक और धार्मिक प्रतीकों’ की आड़ में स्कूलों में हिजाब के लिए दरवाजे फिर से खोल दिए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जारी आदेश यूनिफॉर्म को बनाए रखने की बात करते हुए शैक्षणिक संस्थानों के अंदर धार्मिक प्रतीकों और हिजाब की स्पष्ट अनुमति देता है। यह सशक्तिकरण नहीं है। यह कक्षाओं में धार्मिक पहचान का संस्थागतकरण और रूढ़िवादिता की परतों के नीचे बचपन का धीरे-धीरे दफन होना है। स्कूल ऐसे स्थान होने चाहिए, जहां युवा मन स्वतंत्र, जिज्ञासु और समान रूप से विकसित हों, न कि वे स्थान जहां राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति के लिए अलगाव को बढ़ावा दें।
अमित मालवीय ने कहा कि कांग्रेस को मुस्लिम लड़कियों की परवाह नहीं है। उसे केवल सबसे प्रतिगामी भावनाओं को बढ़ावा देने की परवाह है। समय भी बहुत कुछ बताता है। एक स्कूल में कथित तौर पर जनेऊ काटने की घटना के कुछ हफ्तों बाद सरकार ने निष्पक्षता और अनुशासन को समान रूप से लागू करने के बजाय तुष्टीकरण का रास्ता चुना है। यूनिफॉर्म का मतलब यूनिफॉर्म ही होता है। कक्षाएं शिक्षा के लिए होती हैं, धार्मिक प्रदर्शन के लिए नहीं।
बता दें कि कर्नाटक सरकार ने 5 फरवरी, 2022 के अपने स्कूल यूनिफॉर्म आदेश को वापस ले लिया और नए दिशानिर्देश जारी किए, जिसमें छात्रों को राज्य भर के स्कूलों और कॉलेजों में निर्धारित यूनिफॉर्म के साथ हिजाब, पगड़ी, पवित्र धागे और रुद्राक्ष जैसे सीमित पारंपरिक और धार्मिक प्रतीकों को पहनने की अनुमति दी गई है।

