पीएम मोदी के यूएई और यूरोप दौरे से भारत के व्यापार और निवेश संबंधों को मिलेगी नई मजबूती : एफआईईओ

0
8

नई दिल्ली, 14 मई (आईएएनएस)। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन्स (एफआईईओ) ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के आगामी दौरे का स्वागत किया।

एफआईईओ ने कहा कि यह दौरा भारत की वैश्विक साझेदारों के साथ रणनीतिक आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करेगा और ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई गति देगा।

इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए एफआईईओ के अध्यक्ष एससी रल्हन ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत यूरोप और खाड़ी क्षेत्र के साथ अपने आर्थिक संबंधों को मजबूत कर रहा है, खासकर व्यापार साझेदारी, मजबूत सप्लाई चेन और निवेश आधारित विकास के जरिए।

एफआईईओ अध्यक्ष ने कहा, “यूएई और प्रमुख यूरोपीय देशों के नेतृत्व के साथ प्रधानमंत्री की उच्च स्तरीय बातचीत यह दिखाती है कि भारत एक भरोसेमंद आर्थिक साझेदार और वैश्विक विकास का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। इस दौरे से इंजीनियरिंग, स्वच्छ ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, दवाइयों, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल ट्रेड जैसे क्षेत्रों में भारतीय निर्यातकों के लिए बड़े मौके बनेंगे।”

रल्हन ने कहा कि यूएई के साथ भारत के रिश्ते अब एक मजबूत ‘कम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ बन चुके हैं, जिसमें व्यापार और निवेश तेजी से बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यूएई आज भी भारत का सबसे अहम व्यापार और निवेश साझेदार है और मध्य पूर्व तथा अफ्रीका में भारतीय निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण रास्ता भी है।

उन्होंने आगे कहा, “यह दौरा भारत-यूएई आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगा, खासकर ऊर्जा सहयोग, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और सेवाओं के व्यापार के क्षेत्र में। यूएई में बड़ी भारतीय प्रवासी आबादी भी दोनों देशों के बीच व्यापार और लोगों के संबंधों को मजबूत बनाने का काम करती है।”

नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली में प्रधानमंत्री की यात्राओं पर टिप्पणी करते हुए एफआईईओ अध्यक्ष ने कहा कि यूरोप भारत के लिए निर्यात और निवेश के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह दौरा भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) और भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के हाल ही में पूरा होने के बाद और भी महत्वपूर्ण हो गया है।

रल्हन ने कहा, “प्रधानमंत्री की यूरोपीय नेताओं के साथ बातचीत से ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), नवाचार, स्वच्छ तकनीक, रक्षा निर्माण, ब्लू इकोनॉमी, मजबूत सप्लाई चेन और स्थिरता जैसे भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग और गहरा होगा। इन क्षेत्रों में भारतीय निर्यातकों और उद्योगों के लिए बहुत संभावनाएं हैं।”

उन्होंने नॉर्वे में होने वाले भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि नॉर्डिक क्षेत्र नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु तकनीक, समुद्री क्षेत्र, डिजिटल नवाचार और उन्नत निर्माण में सहयोग के बड़े अवसर देता है।

एफआईईओ ने प्रधानमंत्री मोदी की यूरोपीय राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री और भारत-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट जैसे बड़े बिजनेस कार्यक्रमों में भागीदारी का भी स्वागत किया। संगठन ने कहा कि इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और औद्योगिक साझेदारियां मजबूत होंगी।

रल्हन ने यह भी कहा, “इन सभी देशों के साथ भारत का कुल द्विपक्षीय व्यापार 70 अरब डॉलर से ज्यादा है, और इन क्षेत्रों से भारत में निवेश भी लगातार बढ़ रहा है। यह दौरा व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई ऊर्जा देगा।”