थराद, 14 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) की बैठक में खरीफ सीजन 2026-27 के लिए 14 प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। इस फैसले से पूरे देश के किसानों में खुशी का माहौल है। किसान इसे अपनी मेहनत का उचित मूल्य मिलने के रूप में देख रहे हैं।
सरकार के इस कदम से लागत निकालने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है। खासकर छोटे और सीमांत किसानों को सबसे अधिक फायदा होने वाला है। साथ ही दलहन और तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा मिलने से देश को आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। किसानों का मानना है कि यह फैसला खेती को अधिक लाभकारी और आकर्षक बनाएगा।
थराद के किसान मुकेशभाई कापड़ी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “किसानों की फसल की खरीदी एमएसपी के तहत हो रही है। इसका किसानों को सीधा फायदा हो रहा है। मार्केट रेट 1,000 रुपए प्रति मन होता है, अब इसका सीधा 1,500 रुपए मिल रहा है। पेमेंट सीधा बैंक खाते में आता है। इससे किसान समृद्ध हो रहे हैं।”
किसान दिनेशभाई कापड़ी ने कहा, “पीएम मोदी के नेतृत्व में किसानों के अनाज की खरीदी एमएसपी के तहत हो रही है। खुली मंडी में व्यापारी अपने हिसाब से रेट देते थे, लेकिन सरकार ने एमएसपी के तहत जो रेट फिक्स किया है, वह बहुत ज्यादा है। एमएसपी का पैसा सीधा किसान के खाते में आता है। इसके कारण अब किसानों को कोई घाटा नहीं हो रहा है। फसलों का न्यूनतम भाव तय होने से काफी फायदा है।”
हरिभाई पटेल ने सराहना करते हुए कहा, “पीएम मोदी ने जो एमएसपी बढ़ाई है, उसका पैसा सीधा किसानों के खाते में जाता है। मोदी सरकार किसान-हितैषी है।”
किसान इस फैसले को राहत भरा कदम बता रहे हैं। उनका कहना है कि एमएसपी में बढ़ोतरी से बाजार में भाव गिरने पर भी उन्हें उचित दाम मिलेगा। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी बल्कि कृषि क्षेत्र में निवेश भी बढ़ेगा। केंद्र सरकार का यह निर्णय ‘किसान आय दोगुनी’ करने के लक्ष्य की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

