राहुल की विदेश यात्राओं को लेकर अस्पष्टता चिंताजनक, कांग्रेस को देना चाहिए जवाब: किरेन रिजिजू

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नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने शुक्रवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की विदेश यात्राओं की ‘फंडिंग’ और खर्च पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद की कुछ विदेश यात्राओं को लेकर ‘अस्पष्टता’ चिंताजनक है। इसलिए कांग्रेस पार्टी को पूरे देश के सामने जवाब देने की जरूरत है।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि राहुल गांधी पर बहुत गंभीर सवाल उठा है। सभी भारतीयों को भारत के नियम और कानून मानने पड़ेंगे। सांसदों को तो नियम के साथ ही काम करना पड़ता है।

उन्होंने कहा, “सवाल इसलिए भी गंभीर है कि अगर किसी सांसद को विदेश दौरे पर जाना हो तो राज्यसभा सचिव, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय को सूचना देनी होती है। विदेशी सुविधा के बारे में भी सूचना देनी होती है। पासपोर्ट और वीजा के माध्यम से हर सांसद विदेश दौरे पर जा सकता है। राहुल गांधी की सबसे बड़ी समस्या है कि सांसद बनने के बाद वे जब भी विदेश दौरे पर जाते हैं तो कभी खबर नहीं करते हैं। वे कहां रुकते हैं और किसके मिलते हैं, इसकी जानकारी भी नहीं देते हैं।”

रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी को सुरक्षा देने वाली एजेंसियां भी परेशान हो चुकी हैं, क्योंकि वे बिना बताए कहीं भी चले जाते हैं। राहुल गांधी अभी नेता प्रतिपक्ष हैं। ऐसे में कोई घटना घटित हुई तो सरकार को इसका जवाब देना पड़ेगा। मंत्री ने कहा, “विशेष रूप से वे 54 बार विदेश दौरे पर गए। उनमें से कई दौरे ऐसे हैं, जिसकी जानकारी बिल्कुल नहीं है। वे बार-बार इसी तरह करते हैं, इसलिए सवाल उठने भी लाजमी हैं। इसका कारण यह भी कि लोगों के टैक्स से ही उनको सारी सुविधाएं और सैलरी मिलती हैं।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी की यात्राओं पर उनकी आय से अधिक खर्च हुआ है। इसलिए यह आयकर से भी जुड़ा मामला बनता है। उन्होंने कहा, “मैं मानता हूं कि कांग्रेस पार्टी को पूरे देश के सामने जवाब देने की जरूरत है। मैं राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी से अनुरोध करता हूं कि वे तत्काल जानकारी दें, इससे उनका ही भला होगा। अन्यथा भविष्य में कोई भी कार्रवाई होने पर कहना कि राहुल गांधी को टारगेट किया गया है।”

किरेन रिजिजू ने अपनी बात दोहराते हुए कहा, “सभी देशवासियों को नियमों के तहत रहना ही होगा। इसमें कोई भी ढील नहीं होनी चाहिए। मैं सरकार की ओर से कहना चाहता हूं कि एक संसद सदस्य होने के नाते हम सभी लोगों को नियमों के तहत अपना हिसाब-किताब पूरा करना चाहिए।”