बंगाल: मुख्यमंत्री ने आरजी कर दुष्कर्म-हत्या मामले में 3 आईपीएस अधिकारियों को किया सस्पेंड

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कोलकाता, 15 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के नए और नौवें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कोलकाता के सरकारी आरजी कर दुष्कर्म और हत्या मामले में कोलकाता पुलिस के एक पूर्व आयुक्त सहित तीन आईपीएस अधिकारियों को सस्पेंड करने की घोषणा की।

सस्पेंड किए गए अधिकारियों में तत्कालीन कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत कुमार गोयल, तत्कालीन पुलिस उपायुक्त (उत्तरी डिवीजन) अभिषेक गुप्ता और तत्कालीन पुलिस उपायुक्त (मध्य डिवीजन) इंदिरा मुखर्जी शामिल हैं।

शुक्रवार को उनके निलंबन की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि तीनों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री और राज्य गृह विभाग के प्रभारी के रूप में पदभार संभालने के बाद, मैंने मुख्य सचिव और राज्य गृह सचिव से आरजी कर मामले और घटना के बाद के घटनाक्रमों पर विस्तृत लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था।

सीएम अधिकारी ने यह भी दावा किया कि पीड़ित परिवार को रिश्वत देने का अप्रत्यक्ष प्रयास किया गया था। विभिन्न मीडिया संगठनों से प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर, हमें पता चला है कि पीड़ित की मां को राज्य सरकार की ओर से पैसे की पेशकश की गई थी। हर बात की जांच की जाएगी। उस समय किसने किससे बात की, इसकी पड़ताल की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि कोलकाता पुलिस या राज्य गृह विभाग की आधिकारिक प्रवक्ता न होते हुए भी कोलकाता पुलिस की एक उपायुक्त इस मामले में मीडियाकर्मियों को संबोधित करती थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनका हावभाव और शब्द स्वीकार्य नहीं थे। किसी ने भी उन्हें इस मामले में लिखित रूप में कोई जिम्मेदारी नहीं सौंपी थी। आरजी कर मामले के बाद शायद किसी ने उन्हें मौखिक रूप से सार्वजनिक बयान देने के लिए कहा होगा। इन सभी की जांच की जा रही है। फिलहाल तीनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाएगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में चल रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच यथावत जारी रहेगी और राज्य सरकार द्वारा की जा रही समानांतर जांच से केंद्रीय एजेंसी की जांच पर कोई असर नहीं पड़ेगा।