रिश्तों में तनाव की वजह बनती है समानता को स्वीकार न कर पाने की मानसिकता: सबा आजाद

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मुंबई, 15 मई (आईएएनएस)। अभिनेत्री सबा आजाद जल्द ही कॉमेडी-ड्रामा सीरीज ‘हूज योर गायनिक सीजन 2’ में नजर आएंगी। इस सीरीज में वे ‘डॉ. विदुषी कोठारी’ की भूमिका निभाती नजर आएंगी। आगामी सीजन को लेकर अभिनेत्री का कहना है कि सीरीज का मुख्य उद्देश्य उन विषयों पर चर्चा करना है, जिन्हें अक्सर बंद कमरों की चर्चा माना जाता है।

उन्होंने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया, “सीजन-1 ने सेक्स एजुकेशन और महिलाओं के स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद शुरू किया था। सीजन-2 भी उसी मूल विचार को कायम रखेगा। समाज इन चर्चाओं को जगह मिलना बहुत जरूरी है।”

जब आईएएनएस ने सवाल पूछा, “आज के समय में भी समाज के लिए एक स्वतंत्र और महत्वकांक्षी महिला को स्वीकार करना कठिन है?”

इस पर अभिनेत्री का कहना है कि भले ही हम बड़े शहरों में रहते हों, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी पितृसत्तात्मक है। उन्होंने कहा, “महिलाओं को पुरुषों के बराबर सम्मान पाने के लिए आज भी दोगुना मेहनत करनी पड़ती है। समाज आज भी महिलाओं के फैसलों पर बहुत जल्द अपनी राय बना लेते हैं। हमारा सामाजिक ढांचा पारंपरिक रूप से पुरुषों की सफलता को केंद्र में रखकर बनाया गया है।”

उन्होंने आगे लिखा, “हमारे देश के कई हिस्सों में महिलाओं को आज भी आजादी से काम करने या अपने फैसले खुद लेने की अनुमति नहीं है। हो सकता है कि शहरों में हमें यह सच्चाई हमेशा दिखाई न दे, लेकिन यह मौजूद है। इसलिए महिलाओं को पेशेवर और घर दोनों जगह लगातार खुद को साबित करना पड़ता है। अगर वे काम करती हैं, तो लोग उन पर उंगलियां उठाते हैं। अगर वे काम नहीं करतीं, तो उन्हें फिर से परखा जाता है।”

सबा का मानना है कि कुछ लड़कों की परवरिश अक्सर इसी मानसिकता के साथ की जाती है कि वे महिलाओं से बेहतर हैं। ऐसे में जब उनका सामना एक सशक्त और स्वतंत्र विचार वाली लड़की से होता है, तो उनके अहंकार को ठेस पहुंचती है। उन्होंने कहा, “सच बात तो ये है कि ऐसे पुरुषों को महिलाओं को अपने से बराबर देखने की आदत नहीं होती, जिससे रिश्तों में तनाव पैदा होता है।”