नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने सिक्किम दौरे के दूसरे दिन नामची में शिक्षा, पर्यटन, चाय उत्पादन और खेल विकास से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं का निरीक्षण एवं समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने छात्रों, चाय बागान कर्मियों, स्थानीय लोगों और युवा खिलाड़ियों से संवाद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र में अधोसंरचना, रोजगार, पर्यटन और प्रतिभा विकास को नई गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
सिंधिया ने नामची के तारकू में निर्माणाधीन खांगचेंदजोंगा सिक्किम स्टेट यूनिवर्सिटी का निरीक्षण किया। लगभग 28 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रही यह सिक्किम की पहली स्टेट यूनिवर्सिटी है, जिसके निर्माण में पूर्वोत्तर परिषद द्वारा 9.61 करोड़ रुपए की सहायता दी गई है। विश्वविद्यालय के पूर्ण होने पर यहां लगभग 1500 विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने प्रशासनिक भवन और अन्य कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। परिसर के प्राकृतिक वातावरण और पैदल मार्गों का अवलोकन करते हुए उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में अधिक हरित क्षेत्र और प्राकृतिक तत्वों को शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने निर्माण कार्य की गति और गुणवत्ता के लिए इंजीनियरों एवं कार्यान्वयन एजेंसियों की सराहना भी की।
इसके बाद सिंधिया ने नामची स्थित प्रसिद्ध टेमी टी एस्टेट और टेमी टी प्रोसेसिंग यूनिट का दौरा किया। उन्होंने चाय उत्पादन, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग की विभिन्न प्रक्रियाओं का निरीक्षण किया तथा चाय के अंतरराष्ट्रीय बाजार और निर्यात संभावनाओं पर अधिकारियों से चर्चा की।
अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि टेमी टी एस्टेट में कोयले की जगह एलपीजी आधारित प्रोसेसिंग प्रणाली अपनाई जा रही है, जिससे उत्पादन प्रक्रिया अधिक स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनेगी। इस दौरान टेमी टी को जीआई टैग दिलाने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
सिंधिया ने महिला चाय श्रमिकों और बागान कर्मियों से संवाद किया और नेपाली भाषा में बातचीत कर स्थानीय लोगों का दिल जीत लिया। उन्होंने श्रमिकों के श्रम, अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि सिक्किम की चाय वैश्विक स्तर पर राज्य की पहचान बन चुकी है।
केंद्रीय मंत्री ने चेमचे स्थित इंडियन हिमालयन सेंटर फॉर एडवेंचर एंड इको-टूरिज्म का भी दौरा किया। यहां उन्होंने सिक्किम सरकार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के सहयोग से विकसित किए जा रहे नामची–टेमी–रवांगला पर्यटन सर्किट की समीक्षा की।
उन्होंने रॉक क्लाइम्बिंग, आइस क्लाइम्बिंग, साइक्लिंग ट्रैक, ट्रेकिंग, स्कीइंग, पर्वतारोहण और ईको-टूरिज्म गतिविधियों से जुड़ी सुविधाओं का अवलोकन किया। सिंधिया ने सुझाव दिया कि सभी आयु वर्ग के पर्यटकों के लिए अतिरिक्त मनोरंजन और पर्यटन गतिविधियों को जोड़ा जाए, ताकि क्षेत्र का पर्यटन और अधिक सशक्त हो सके। इस दौरान चारधाम कॉरिडोर सहित क्षेत्र के पर्यटन और धार्मिक मार्गों से जुड़ी सुविधाओं पर भी चर्चा हुई।
केंद्रीय मंत्री ने नामची के भाईचुंग स्टेडियम में आयोजित सिक्किम प्रीमियर लीग के चौथे संस्करण के सेमीफाइनल मुकाबले में हिस्सा लिया। इस अवसर पर स्थानीय युवाओं द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक नेपाली मारुनी नृत्य ने सभी का मन मोह लिया।
खिलाड़ियों और उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन पूर्वोत्तर को देश का प्रमुख खेल केंद्र बनाने का है। खेल प्रतिभाओं की पहचान, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, स्पोर्ट्स साइंस और आधुनिक तकनीक के समावेश के माध्यम से पूर्वोत्तर के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने ‘वन स्पोर्ट, वन स्टेट’ दृष्टिकोण और खेल सुविधाओं के साथ-साथ कोचिंग एवं टैलेंट स्काउटिंग पर आधारित 60:40 मॉडल का भी उल्लेख किया। सिंधिया ने कहा कि सिक्किम प्रीमियर लीग राज्य के युवा फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए बड़े अवसरों का मंच बन रही है।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 3.2 किलोमीटर लंबे भुलेयधुंगा रोपवे से यात्रा कर प्रधानमंत्री-डिवाइन योजना के अंतर्गत विकसित हो रही भुलेयधुंगा स्काईवॉक परियोजना की प्रगति का निरीक्षण भी किया। लगभग 220 करोड़ की लागत से विकसित हो रही इस परियोजना के विभिन्न निर्माण कार्यों और व्यवस्थाओं की समीक्षा उन्होंने अधिकारियों के साथ की।
240 मीटर लंबे इस वृत्ताकार ग्लास स्काईवॉक का निर्माण 3200 मीटर की ऊंचाई पर किया जा रहा है। परियोजना पूर्ण होने पर यह दुनिया का सबसे ऊंचा स्काईवॉक होगा, जिससे सिक्किम के पर्यटन और एडवेंचर टूरिज्म को वैश्विक पहचान मिलने की संभावना है।

