गुजरात: इंडस्ट्रियल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट के टैंक में सफाई करने उतरे तीन मजदूरों की मौत

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गांधीनगर, 15 मई (आईएएनएस)। गांधीनगर जिले के कालोल स्थित सैज गुजरात औद्योगिक विकास निगम क्षेत्र में एक औद्योगिक इकाई के भूमिगत एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट टैंक में दम घुटने से तीन प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई और एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

यह घटना मफतलाल गुजरात इंडस्ट्रीज लिमिटेड की यूनिट सी/15 से सी/18 में हुई, जहां तिरपाल फैब्रिक प्रोसेसिंग का काम होता है और रंगाई के दौरान निकलने वाले गंदे पानी का उपचार एफ्लुएंट ट्रीटमेंट सिस्टम के जरिए किया जाता है।

पुलिस के अनुसार, रंगीन अपशिष्ट जल के उपचार के लिए इस्तेमाल होने वाले भूमिगत आरसीसी टैंक की सफाई का काम चल रहा था। सफाई शुरू करने से पहले मोटर की मदद से टैंक का पानी निकाल दिया गया था, लेकिन नीचे करीब 1 से 1.5 फीट तक कीचड़ और कचरा जमा हुआ था।

घटना की जानकारी यूनिट के सुपरवाइजर ने दी, जो मूल रूप से राजस्थान के सिरोही जिले के रहने वाले हैं और कलोल जीआईडीसी क्षेत्र स्थित फैक्ट्री परिसर में ही रहते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि सफाई के लिए मजदूर टैंक के अंदर उतरे थे।

कलोल तालुका पुलिस स्टेशन में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत दर्ज शिकायत के मुताबिक सफाई के दौरान मजदूर लोहे की सीढ़ी के जरिए एक-एक कर टैंक में उतरे थे।

पुलिस ने बताया कि सबसे पहले टैंक में मध्य प्रदेश के दतिया जिले के रहने वाले 32 वर्षीय अमित परिहार और उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले के रहने वाले 37 वर्षीय अमरकुमार श्रीवास्तव उतरे थे।

दोनों टैंक में उतरने के कुछ ही देर बाद बेहोश हो गए। आशंका है कि ऑक्सीजन की कमी या जहरीली गैस के कारण उनका दम घुट गया।

उन्हें बचाने के लिए सफाई टीम के सदस्य अनिल लोधी टैंक में उतरे, लेकिन वह भी अंदर बेहोश हो गए। इसके बाद उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले के रहने वाले 44 वर्षीय शिवनाथ दुबे बचाव के लिए टैंक में उतरे, लेकिन वह भी बेहोश हो गए। बाद में चारों को टैंक से निकाला गया।

पुलिस ने बताया कि अमित, अमरकुमार और शिवनाथ को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि अनिल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, घटनाक्रम से पता चलता है कि हर व्यक्ति पहले से बेहोश पड़े लोगों को बचाने के लिए टैंक में उतरा था।

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि टैंक के अंदर जहरीली गैस जमा होने या ऑक्सीजन की कमी के कारण दम घुटने से यह हादसा हुआ।

घटना के सही कारणों का पता फोरेंसिक जांच के बाद चलेगा। कलोल तालुका पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीमों को मौके की जांच और टैंक में जहरीली गैसों या अन्य कारणों की जांच के लिए बुलाया गया है।

अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि सफाई कार्य से पहले मजदूरों को गैस मास्क, ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं।