अमेरिका-ईरान तनाव के चलते इस सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों में आई 8 प्रतिशत तक की उछाल

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    नई दिल्ली, 16 मई (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते इस सप्ताह वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। शुक्रवार को कारोबार के अंत में प्रमुख बेंचमार्क क्रूड कॉन्ट्रैक्ट 3 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए।

    तनाव बढ़ने से होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर निकट भविष्य में किसी तरह के समाधान की उम्मीद कमजोर पड़ गई है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है।

    शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड वायदा 3.54 डॉलर यानी 3.35 प्रतिशत बढ़कर 109.26 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड 4.25 डॉलर यानी 4.2 प्रतिशत बढ़कर 105.42 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

    पूरे सप्ताह के दौरान ब्रेंट क्रूड में 7.84 प्रतिशत और डब्ल्यूटीआई में 10.48 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। बाजार में ईरान संघर्ष के बीच नाजुक युद्धविराम और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका को लेकर चिंता बनी रही।

    निवेशकों की चिंता तब और बढ़ गई जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा कि तेहरान को अमेरिका पर ‘कोई भरोसा नहीं’ है और ईरान तभी बातचीत करेगा जब वॉशिंगटन गंभीरता दिखाएगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि ईरान दोबारा संघर्ष और कूटनीतिक बातचीत, दोनों के लिए तैयार है।

    यह बयान ऐसे समय आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर नाराजगी जताई और दोहराया कि तेहरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

    ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोलना चाहिए। इस मार्ग से दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आपूर्ति गुजरती है।

    यह जलडमरूमध्य सऊदी अरब, इराक और कतर जैसे खाड़ी देशों के लिए मुख्य निर्यात मार्ग है। इसलिए इसमें किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बड़ी चिंता मानी जा रही है।

    बाजार को पहले उम्मीद थी कि ईरान और उसके प्रतिद्वंद्वियों के बीच युद्धविराम से क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही सामान्य हो जाएगी।

    हालांकि, वॉशिंगटन और तेहरान की हालिया बयानबाजी के बाद जलडमरूमध्य जल्द खुलने की उम्मीद काफी कम हो गई है, जिससे लंबे समय तक आपूर्ति प्रभावित रहने का डर बढ़ गया है।

    डोनाल्ड ट्रंप ने चीन यात्रा के दौरान कहा कि उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ इस बात पर सहमति जताई है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।

    हालांकि, शी जिनपिंग ने इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की। चीन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि यह संघर्ष “कभी होना ही नहीं चाहिए था” और “इसके जारी रहने की कोई वजह नहीं है।”

    इस यात्रा के दौरान अमेरिका और चीन के बीच तनाव भी फिर से उभरता दिखाई दिया, जब शी चिनफिंग ने कथित तौर पर चेतावनी दी कि अगर ताइवान मुद्दे का समाधान नहीं हुआ तो द्विपक्षीय संबंधों को गंभीर खतरा हो सकता है।