कर्नाटक को मिली 1,122 अतिरिक्त सरकारी मेडिकल सीटें: मंत्री पाटिल

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बेंगलुरु, 16 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक के चिकित्सा शिक्षा, कौशल विकास और आजीविका मंत्री शरण प्रकाश आर. पाटिल ने शनिवार को घोषणा की कि राज्य में 1,122 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध कराई जाएंगी, जो चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक लोगों के लिए सुनहरा अवसर प्रदान करेंगी।

शनिवार को विधान सौधा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में कर्नाटक देश में अग्रणी है।

राज्य को आवंटित अतिरिक्त सीटों से कोप्पल, गडग, ​​चामराजनगर, कारवार, कावेरी और अन्य जिलों को लाभ होगा।

उन्होंने बताया कि स्नातक स्तर की सीटों के लिए केंद्र सरकार से 495 करोड़ रुपए का अनुदान प्राप्त होगा। इसी प्रकार, स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटों के लिए 541 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 15 मई को अंतिम मंजूरी दे दी। उन्होंने आगे कहा कि कुल मिलाकर राज्य को 1,090 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे।

पाटिल ने कहा कि एक ही राज्य को 1,000 से अधिक चिकित्सा सीटें आवंटित करना एक रिकॉर्ड उपलब्धि है, और यह कर्नाटक की उपलब्धियों का प्रमाण है।

शरण प्रकाश पाटिल ने सलाह दी कि कर्नाटक अब चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के इच्छुक लोगों के लिए प्रचुर अवसर प्रदान करता है और छात्रों को इसका भरपूर लाभ उठाना चाहिए।

शरण प्रकाश आर. पाटिल ने आलोचना करते हुए कहा कि हाल ही में नीट प्रश्न पत्र का लीक होना पूरे छात्र समुदाय के साथ घोर अन्याय है और केंद्र सरकार ने हजारों छात्रों के डॉक्टर बनने के सपने को बर्बाद कर दिया है।

मंत्री ने कहा कि कर्नाटक की कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) नीट से कहीं बेहतर मॉडल है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य ने केंद्र सरकार से इस पर विचार करने के लिए कई बार आग्रह किया है, लेकिन उन अपीलों पर ध्यान नहीं दिया गया।

नीट परीक्षा को लेकर हर साल अराजकता का माहौल रहता है। मंत्री ने मांग की कि इस ताजा गड़बड़ी के लिए संबंधित केंद्रीय मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए और जांच अदालत के निर्देशन में की जानी चाहिए।

नीट परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार के अव्यवस्थित संचालन ने जनता के विश्वास को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। मंत्री ने घोटाले की जांच कर रही सीबीआई पर भी अविश्वास व्यक्त किया और कहा कि उसकी निगरानी में पारदर्शी जांच की संभावना नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि यह घोटाला एमबीबीएस सीटों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए रचा गया प्रतीत होता है और इस बात की प्रबल आशंका है कि इस पूरे मामले के पीछे कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों का हाथ है।

मंत्री ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य भाजपा नेताओं को नीट प्रश्नपत्र लीक कांड का बचाव करते देख यह स्पष्ट हो जाता है कि उनमें शर्म या शिष्टाचार का कोई नामोनिशान नहीं है।