पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, जनता पर ईंधन का बोझ फिर थोपा गया

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चंडीगढ़, 16 मई (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि को लेकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि चुनाव के तुरंत बाद आम जनता पर एक बार फिर बोझ डाल दिया गया है, जबकि सत्ता में बैठे लोग नागरिकों को खर्च कम करने और बचत करने का उपदेश देते रहते हैं।

उन्होंने कहा कि देश भर के लोग महंगाई, बढ़ते परिवहन खर्च और बढ़ते घरेलू खर्चों से जूझ रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार राहत देने के बजाय नागरिकों से निजी खर्च कम करने को कह रही है।

मुख्यमंत्री मान ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री देश के लोगों को बचत का उपदेश देते हुए विदेश में घूम रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि आम नागरिकों को बार-बार अनावश्यक यात्रा से बचने और खर्च कम करने की सलाह दी जाती है, जबकि प्रधानमंत्री जनता के खर्च पर लगातार विदेश यात्राएं करते रहते हैं।

केंद्र सरकार के संदेश में विरोधाभास पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि क्या देशवासियों को विदेश यात्रा बंद करके ‘वर्क फ्रॉम होम’ करना चाहिए? फिर क्या प्रधानमंत्री भी ‘वर्क फ्रॉम होम’ नहीं कर सकते?

उन्होंने आगे कहा कि पूरी दुनिया युद्ध और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता से प्रभावित है, लेकिन किसी भी अन्य देश के राष्ट्राध्यक्ष ने नागरिकों को बचत पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह उस तरह से नहीं दी है, जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दे रहे हैं।

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि शुक्र है, प्रधानमंत्री ने लोगों को केवल पैसे बचाने की सलाह दी, न कि उन्हें थाली बजाने और फिर से ताली बजाने को कहा।

उन्होंने कहा कि प्रतीकात्मक इशारों और उपदेशों के बजाय, लोग मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और परिवारों, किसानों और छोटे व्यवसायों पर वित्तीय बोझ को कम करने के लिए व्यावहारिक कदमों की उम्मीद करते हैं।

वैश्विक घटनाक्रमों के प्रभाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्ध और आर्थिक अस्थिरता ने दुनिया भर के देशों को प्रभावित किया है, लेकिन अन्य देशों की सरकारें बढ़ती कीमतों और खर्च पर उपदेश देकर जनता पर बोझ डालने के बजाय नागरिकों को राहत प्रदान करने का प्रयास कर रही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि युद्ध ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के अलावा किसी भी अन्य देश के राष्ट्राध्यक्ष ने अपने नागरिकों को इस तरह बचत पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह नहीं दी है।