सिलीगुड़ी, 16 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने हिंसा को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में हम इस तरह आगे बढ़ रहे हैं कि जो कोई भी किसी भी मामले में अन्याय करेगा तो उसे सजा मिलेगी। चाहे बात महिलाओं की गरिमा की हो या हिंसा की, हमने हिंसा के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है।
निशीथ प्रमाणिक ने कहा कि गुंडागर्दी और हिंसा को लेकर पुलिस को पूरी छूट दी गई है। जहां कहीं भी गुंडागर्दी और हिंसा की कोशिश की जाएगी, वहां पुलिस तत्काल एक्शन लेगी। कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस एक्शन लेने से पीछे नहीं हटेगी।
उन्होंने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि टीएमसी अब इतिहास बन चुकी है। लोगों ने टीएमसी को ‘टाटा-बाय-बाय’ कह दिया है। टीएमसी में अब कुछ भी नहीं बचा है, इसलिए इसके बारे में ज्यादा सोचने की कोई जरूरत नहीं है। अब ध्यान सिर्फ विकास पर होना चाहिए, और हम विकास पर ही ध्यान देंगे।
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर पर भाजपा सांसद राजू बिस्टा ने कहा कि टीएमसी सरकार और ममता दीदी की वजह से अब तक अभिषेक बनर्जी कानून से बचे हुए थे। कानून अपना काम करेगा। हम बदले की भावना से काम नहीं करेंगे। हम सकारात्मक सोच में बदलाव लाने के लिए काम करेंगे, लेकिन जिसने जनता का पैसा खाया है, जिसने भ्रष्टाचार किया है और जिसने पश्चिम बंगाल को ठगा है, उसके खिलाफ कानून अपना काम करेगा।
भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर पर कहा कि यह पहले ही हो जाना चाहिए था। जिस तरह के बयान दिए जाते हैं, वह एक धमकी भरी भाषा है। इस तरह की तीखी टिप्पणियां उचित नहीं हैं, और ऐसे मामलों में कोई भी कानून की मदद ले सकता है।
टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं के भाजपा में शामिल होने की कोशिशों पर मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद हमने 4 मई से ही कुछ टीएमसी सदस्यों को भाजपा के झंडे थामे और मिठाइयां बांटते देखा है। हम यह साफ कर देना चाहते हैं कि राज्य भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार, अगले कम से कम एक महीने तक टीएमसी सदस्यों को भाजपा में शामिल नहीं किया जाएगा।

