चंडीगढ़, 16 मई (आईएएनएस)। भाजपा की राज्य इकाई ने शनिवार को कहा कि पंजाब के लोगों पर ईंधन की बढ़ती कीमतों का अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए राज्य सरकार को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का अनुसरण करना चाहिए, जिसने 27 मार्च को 10 रुपए प्रति लीटर की दर से कर कम करके बढ़ती कीमतों का बोझ खुद वहन किया।
भाजपा महासचिव अनिल सरीन ने पार्टी के राज्य मीडिया प्रमुख विनीत जोशी की उपस्थिति में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि इसी प्रकार, मुख्यमंत्री भगवंत मान को भी पेट्रोल और डीजल पर 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ी हुई कीमत का बोझ राज्य कर कम करके वहन करना चाहिए, ताकि किसानों और आम लोगों को इस महत्वपूर्ण बुवाई के मौसम में अतिरिक्त आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।
सरीन ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध और अन्य अंतरराष्ट्रीय कारकों के बावजूद, भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अप्रैल 2022 से चार साल से अधिक समय तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि नहीं की।
उन्होंने कहा कि दूसरी ओर, मार्च 2022 के बाद पंजाब में तथाकथित आम आदमी पार्टी की सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर राज्य कर बढ़ा दिए, जिससे आम आदमी पर लगभग 3 रुपए प्रति लीटर का अतिरिक्त बोझ पड़ गया।
सरीन ने आगे कहा कि मौजूदा युद्ध जैसी स्थिति के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 120-130 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं।
इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका में ईंधन की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत, यूरोप में 20 प्रतिशत, पाकिस्तान में 60 प्रतिशत और बांग्लादेश में 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके विपरीत, भारत में ईंधन की कीमतों में केवल लगभग 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उन्होंने मुख्यमंत्री मान से आग्रह किया कि वे केंद्र सरकार के उदाहरण का अनुसरण करते हुए राज्य करों में कमी करें और 3 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि का बोझ स्वयं वहन करें, जिससे आम जनता को राहत मिल सके।

