मुंबई, 16 मई (आईएएनएस)। सिनेमा जगत में फिल्मी परिवार से आने वाले हर कलाकार को सफलता नहीं मिल पाती, लेकिन कुछ एक्टर अपनी मेहनत और प्रतिभा से अलग पहचान बना लेते हैं। ऐसी ही एक प्रतिभाशाली अभिनेत्री थीं प्रीति गांगुली। दिवंगत अभिनेता अशोक कुमार की लाडली बेटी प्रीति ने फिल्मी घराने की छत्रछाया में रहते हुए भी अपनी प्रतिभा के बल पर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई।
वह बाबूजी अशोक कुमार से मिली जिंदगी की सीख को हमेशा याद रखती थीं और उसे अपने जीवन का सार मानती थीं। प्रीति गांगुली का जन्म एक ऐसे फिल्मी परिवार में हुआ जहां उनकी हर तरफ प्रतिभा बिखरी हुई थी। उनके पिता सुपरस्टार अशोक कुमार थे, चाचा किशोर कुमार थे और जीजा थे अभिनेता देवेन वर्मा। इतने बड़े-बड़े नामों के बीच रहते हुए भी प्रीति ने अपनी अलग पहचान बनाने के लिए कॉमेडी को चुना और 1970-80 के दशक में अपनी कमाल की कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को खूब गुदगुदाया। 17 मई को अभिनेत्री की जयंती है।
एक इंटरव्यू में प्रीति गांगुली ने अपने पिता अशोक कुमार की एक यादगार घटना का जिक्र करते हुए बताया था, “मैं चौथी क्लास में पढ़ती थी। एक दिन बाबूजी मुझे स्कूल से लेने आए। बड़ी सी गाड़ी देखकर मैं बहुत खुश हुई और भागते हुए उनकी तरफ गई। लेकिन रास्ते में मैं गिर गई। उठकर शर्मिंदा होते हुए गाड़ी में बैठी तो बाबूजी मुस्कुराते हुए बोले -कभी भी हवा में मत उड़ो, वरना किसी छोटे-से कंकड़ से भी ठोकर खाकर गिर सकती हो।”
प्रीति कहती थीं कि बाबूजी की यह सीख उन्होंने जिंदगी भर नहीं भुलाई। अशोक कुमार को ‘दाला मुनि’ भी कहा जाता था। वे बेहद सरल, सादा और नम्र स्वभाव के इंसान थे। उनके अंदर कोई बड़प्पन या अहंकार नहीं था। प्रीति अपने पिता की इसी सादगी को अपना आदर्श मानती थीं। वहीं, फिल्मी परिवार से होने के बावजूद प्रीति गांगुली ने कभी अपनी सफलता को लेकर घमंड नहीं किया। वे हमेशा जमीन से जुड़ी रहीं और अपनी प्रतिभा के दम पर दर्शकों के बीच लोकप्रिय हुईं। उनकी कॉमिक भूमिकाएं आज भी लोगों को हंसाती हैं।
प्रीति गांगुली को आज भी बसु चटर्जी की 1978 में आई क्लासिक फिल्म खट्टा मीठा में अमिताभ बच्चन की दीवानी फ्रेनी सेठना की भूमिका के लिए सबसे ज्यादा याद किया जाता है। उनकी हास्य भरी अदाकारी आज भी फिल्म प्रेमियों के बीच चर्चा में रहती है।

