अहमदाबाद, 17 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि गुजरात ने आजादी के समय से ही देश के औद्योगिक विकास में बहुत बड़ा योगदान दिया है। प्रधानमंत्री मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने इसे एक व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया।
अमित शाह ने कहा कि औद्योगिक विकास, आधारभूत संरचनाओं, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, उद्यमिता आधारित विकास मॉडल में वैश्विक पहचान बनाने में गुजरात की 2002 से 2026 तक की यात्रा बेहद अहम रही है। इंडस्ट्री क्षेत्र में गुजरात जैसा सुव्यवस्थित विकास अन्य जगहों पर कम देखने को मिलता है। इसका मूल कारण यह है कि गुजराती समाज ने परंपरा से ही उद्यमशीलता और साहसिकता के गुणों को अपनाया है।
अमित शाह ने कहा कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में खुद को एक संस्थापक राष्ट्र के तौर पर खुद को स्थापित कर रहा है। उन्होंने अहमदाबाद में रविवार को गुजरात के पहले एसईजेड आईटी पार्क ‘मिलियन माइंड्स टेक सिटी’ के लॉन्च के मौके पर यह बात कही।
त्रागड़ में इस प्रोजेक्ट के पहले चरण के उद्घाटन के मौके पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश कई क्षेत्रों में पीछे रहने की स्थिति से आगे बढ़कर अब उन तकनीकों में अपनी मज़बूत मौजूदगी बना रहा है, जिनसे अगले 25 सालों में वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि एआई और डीप टेक ही भविष्य की अर्थव्यवस्था हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत आज दुनिया के सभी उभरते क्षेत्रों में एक संस्थापक राष्ट्र बन गया है। एक समय था जब हम कई क्षेत्रों में काफी पीछे रह गए थे लेकिन आज भारत उन सभी क्षेत्रों में अपनी मज़बूत मौजूदगी बना रहा है जो दुनिया की अर्थव्यवस्था को आकार देंगे।
उन्होंने कहा कि रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, ऑटोनॉमस सिस्टम, साइबर सुरक्षा, रक्षा तकनीक और अंतरिक्ष तकनीक जैसे क्षेत्रों के लिए अत्यधिक कुशल युवाओं के एक बड़े समूह और आधुनिक बुनियादी ढांचे की जरूरत होगी।बुद्धिमत्ता तो पहले से ही मौजूद है, हमें उन्हें जगह, माहौल और सहयोग भी देना होगा और साथ ही यह भी जोड़ा कि ‘मिलियन माइंड्स टेक सिटी’ जैसे टेक्नोलॉजी पार्क इस तरह का इकोसिस्टम बनाने में मदद करेंगे।
उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट का पहला चरण लगभग 1,100 करोड़ रुपये की लागत से 13.5 लाख वर्ग फुट जमीन पर विकसित किया जा रहा है, और यह 9,000 उच्च-कुशल पेशेवरों के लिए काम करने की जगह उपलब्ध कराएगा।
इस पूरे सात-चरण वाले प्रोजेक्ट से अगले पांच सालों में लगभग 15,000 करोड़ रुपये का निवेश आने और 63,000 से ज़्यादा उच्च-मूल्य वाली नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में टेक्नोलॉजी पार्क और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स पर बढ़ते ज़ोर के साथ गुजरात की आर्थिक गतिविधियों में एक बड़ा बदलाव आ रहा है।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वैश्विक बदलावों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए भारत को शहरी नियोजन और बुनियादी ढांचे के विकास में कुशल नेतृत्व और आधुनिक सोच की जरूरत है।

