कोलकाता, 17 मई (आईएएनएस)। बिधाननगर के सॉल्ट लेक इलाके में रविवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक स्थानीय टीएमसी कार्यालय से बड़ी संख्या में आधार कार्ड बरामद किए गए। घटना के बाद बिधाननगर नगर निगम के वार्ड नंबर-36 इलाके में सुबह से तनाव का माहौल बना हुआ है।
सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी संख्या में आधार कार्ड तृणमूल कांग्रेस कार्यालय तक कैसे पहुंचे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में स्थानीय तृणमूल नेतृत्व के सदस्यों से भी पूछताछ की जा सकती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई लोगों के दस्तावेज अलग-अलग बहानों से जमा कराए गए थे, ताकि उन्हें मतदान करने से रोका जा सके।
यह घटना रविवार सुबह बिधाननगर के वार्ड नंबर-36 स्थित बसंती देवी कॉलोनी में सामने आई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ निवासी पार्टी कार्यालय में पहुंचे, जहां उन्हें परिसर के अंदर कई आधार कार्ड व्यवस्थित तरीके से रखे मिले। लोगों का दावा है कि कार्यालय से कम से कम 60 से 70 आधार कार्ड बरामद हुए हैं।
घटना की खबर फैलते ही इलाके में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिलाने के नाम पर कई बार लोगों से आधार कार्ड जमा कराए गए थे, लेकिन बाद में उन्हें वापस नहीं किया गया।
यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि हाल ही में संपन्न चुनाव में कुछ लोगों को वोट डालने से रोकने के लिए स्थानीय तृणमूल नेताओं की भूमिका रही हो सकती है।
उल्लेखनीय है कि इसी तरह की घटना केवल सॉल्ट लेक में ही नहीं, बल्कि ननूर में भी सामने आई। वहां एक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के घर के पास स्थित मैदान से बड़ी संख्या में आधार कार्ड बरामद किए गए।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आधार कार्ड जब्त कर लिए और प्रारंभिक जांच के बाद संबंधित बीएलओ को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अब इस बात की विस्तृत जांच कर रही है कि इतने सारे आधार कार्ड वहां कैसे पहुंचे और उन्हें संबंधित लोगों को वापस क्यों नहीं किया गया।

