इंडोनेशिया में माउंट डुकोनो ज्वालामुखी फटा, 5,000 मीटर तक उड़ी राख

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जकार्ता, 17 मई (आईएएनएस)। इंडोनेशिया के नॉर्थ मालुकू प्रांत में स्थित डुकोनो ज्वालामुखी रविवार को फट गया। देश के सेंटर फॉर वोल्केनोलॉजी एंड जियोलॉजिकल हैजर्ड मिटिगेशन ने बताया क‍ि इस विस्फोट के बाद ज्वालामुखी की चोटी से 5,000 मीटर ऊपर तक राख निकली।

यह 1,087 मीटर ऊंचा ज्वालामुखी अभी दूसरे सबसे उच्च अलर्ट स्तर पर है।

स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, अधिकारियों ने लोगों और पर्यटकों से कहा है कि वे क्रेटर (मुख्य गड्ढे) के चार किलोमीटर के दायरे में कोई गतिविधि न करें और राख से होने वाली सांस की परेशानियों से बचने के लिए मास्क पहनने के लिए तैयार रहें।

इस महीने की शुरुआत में, माउंट डुकोनो के फटने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद 15 लोग सुरक्षित पाए गए, जिनमें सात सिंगापुर और आठ इंडोनेशिया के नागरिक शामिल थे।

ज्वालामुखी की गतिविधि और भारी मात्रा में ज्वालामुखीय सामग्री के नीचे शव दबे होने की वजह से बचाव कार्य में देरी हुई। बाद में शवों को टोबेलो रीजनल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उनकी पहचान और आगे की प्रक्रिया की गई।

इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (बीएनपीबी) ने इस बात पर दुख जताया कि लोगों ने उस समय भी वहां चढ़ाई की, जबकि माउंट डुकोनो का ट्रेकिंग रूट 17 अप्रैल से पूरी तरह बंद था।

बीएनपीबी के आपदा डेटा, सूचना और संचार केंद्र के प्रमुख अब्दुल मुहारी ने कहा कि हम ट्रेकिंग ऑपरेटरों और लोगों से अपील करते हैं कि वे इसकी जानकारी को आगे फैलाएं। नियम तोड़ने पर सुरक्षा के लिए कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है।

माउंट डुकोनो इस साल फरवरी में भी फटा था, जिसके बाद वोल्केनोलॉजी और जियोहैजर्ड मिटिगेशन सेंटर ने विमानन (एविएशन) के लिए चेतावनी जारी की थी।

उस समय ज्वालामुखी ने लगभग 2,000 मीटर ऊंचा राख का गुबार छोड़ा था। सफेद से लेकर ग्रे रंग के घने बादल क्रेटर के दक्षिण दिशा में फैल गए थे।

हवाई जहाजों के लिए खतरे को देखते हुए ‘वोल्केनो ऑब्जर्वेटरी नोटिस फॉर एविएशन (वीओएनए)’ का ऑरेंज लेवल अलर्ट जारी किया गया था, जो दूसरा सबसे उच्च स्तर है। इसमें पांच किलोमीटर के दायरे में नीचे उड़ान भरने पर रोक लगाई गई थी।

एयरक्राफ्ट को राख के बादलों से सावधान रहने को कहा गया था, क्योंकि ये उड़ानों को प्रभावित कर सकते हैं।