तेलंगाना आंदोलनकारियों की चार श्रेणियों में होगी पहचान, सरकार की समिति ने तय किए मानदंड

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हैदराबाद, 17 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति ने “तेलंगाना उद्यमकारुलु” (राज्य आंदोलन कार्यकर्ताओं) की पहचान चार श्रेणियों में करने का फैसला किया है।

सरकारी जनसंपर्क और शिक्षा सलाहकार के. केशव राव की अध्यक्षता में समिति की पहली बैठक रविवार को आयोजित हुई।

बैठक में मंत्री पोनम प्रभाकर, एमएलसी प्रो. कोदंडराम और अडांकी दयाकर, पूर्व एमएलसी रामुलु नाइक तथा मोथे शोभन रेड्डी शामिल हुए, जो समिति के सदस्य हैं।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, समिति ने तेलंगाना आंदोलन के दौरान जान गंवाने वालों को पहली प्राथमिकता देने का प्रस्ताव रखा है। दूसरी श्रेणी में आंदोलन के दौरान घायल हुए लोगों को शामिल किया जाएगा।

तीसरी श्रेणी में उन लोगों को तेलंगाना आंदोलनकारी के रूप में मान्यता दी जाएगी, जिन्हें आंदोलन के सिलसिले में जेल जाना पड़ा, गिरफ्तार किया गया या जिन पर कानूनी मामले दर्ज हुए।

चौथी श्रेणी में विभिन्न राज्यों से जुड़े वे कार्यकर्ता शामिल होंगे, जिन्होंने जमीनी स्तर पर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।

चौथी श्रेणी के कार्यकर्ताओं की पहचान के लिए आंदोलन में उनकी भागीदारी दर्शाने वाली अखबारों की कतरनों को आधार बनाने का सुझाव दिया गया।

समिति ने यह भी निर्णय लिया कि तेलंगाना आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले नागरिक समाज के लोगों से भी प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे।

1969, 1972 और 1996 के आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ परामर्श कर सुझाव लेने का भी फैसला किया गया है।

दो दिन पहले गठित इस समिति को वास्तविक आंदोलनकारियों की पहचान के लिए सख्त मानदंड तैयार करने और उनके कल्याण व राजकीय सम्मान के लिए एक व्यापक डाटाबेस बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।

समिति ने कहा कि इसका गठन तेलंगाना आंदोलन की विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से किया गया है और आंदोलनकारियों का चयन राजनीतिक संबद्धताओं से ऊपर उठकर किया जाएगा।

समिति ने माना कि पिछली सरकार ने केवल चुनिंदा लोगों को ही सहायता प्रदान की थी। इसलिए इस बार चयन प्रक्रिया को पूरी तरह गैर-पक्षपातपूर्ण और राजनीतिक दलों से स्वतंत्र रखने का निर्णय लिया गया है।

बैठक के दौरान समिति ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने तेलंगाना आंदोलनकारियों की पहचान के लिए आधिकारिक सरकारी समिति का गठन किया।

समिति ने अपना कार्यालय हैदराबाद स्थित ‘अमरवीरुला ज्योति’ (शहीद स्मारक ज्योति) परिसर में स्थापित करने का भी निर्णय लिया।

पैनल ने जल्द ही शहीदों की पहचान को लेकर सुझाव प्राप्त करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला किया।

इसके अलावा तेलंगाना आंदोलन कार्यकर्ताओं की संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी), 1969 आंदोलन के कार्यकर्ताओं, कर्मचारी संगठनों, कलाकार जेएसी, ‘सब्बंदा वर्गाला’ जेएसी, जातीय संगठनों, वकील जेएसी और विभिन्न जिलों में गठित आंदोलन संगठनों से भी सुझाव मांगे जाएंगे।

समिति ने जिलों का दौरा कर व्यापक जनपरामर्श और लोगों की राय जुटाने का भी निर्णय लिया।