ओवैसी ने बकरीद के दिन होने वाली परीक्षाएं स्थगित करने की उठाई मांग

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हैदराबाद, 17 मई (आईएएनएस)। एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और मुख्य सचिव से बकरीद (ईद-उल-अजहा) के दिन आयोजित होने वाली उस्मानिया यूनिवर्सिटी की डिग्री परीक्षाएं स्थगित करने की मांग की है।

ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि 28 मई को बीए, बीकॉम और बीएससी की कई सेमेस्टर परीक्षाएं निर्धारित हैं, जबकि उसी दिन ईद-उल-अजहा का त्योहार मनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि त्योहार के दिन परीक्षा आयोजित होने से छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा और वे असुविधाजनक स्थिति में आ जाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन परीक्षाओं को किसी अन्य उपयुक्त तारीख पर पुनर्निर्धारित किया जाएगा।

ओवैसी द्वारा जिन परीक्षाओं का उल्लेख किया गया है, उनमें बीकॉम चौथे सेमेस्टर का बिजनेस स्टैटिस्टिक्स, बीकॉम छठे सेमेस्टर का अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स एंड कॉरपोरेट गवर्नेंस, बीएससी ऑनर्स चौथे सेमेस्टर का कंप्यूटर साइंस (बिग डेटा), बीएससी ऑनर्स छठे सेमेस्टर का ऑप्टिमाइजेशन टेक्नीक्स, बीएससी बायोमेडिकल साइंस चौथे सेमेस्टर, बीए (सीबीसीएस) छठे सेमेस्टर का गणित और बीएसडब्ल्यू (सीबीसीएस) चौथे सेमेस्टर का सोशल वर्क मेथडोलॉजी-3 शामिल हैं।

बता दें कि बकरीद को देखते हुए तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सीवी आनंद ने बुधवार को कहा कि आने वाले बकरीद त्योहार के दौरान राज्य में शांति, कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग कड़े कदम उठा रहा है।

डीजीपी ने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सभी जिलों के पुलिस कमिश्नरों और एसपी के साथ बैठक की थी।

इस बैठक में नगरपालिका और शहरी विकास विभाग के विशेष मुख्य सचिव जयेश रंजन, पशुपालन विभाग के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों में लिए गए फैसलों के अनुसार, पुलिस अधिकारियों को बकरीद के दौरान पशुओं की अवैध आवाजाही और तस्करी को सख्ती से रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि बकरीद कानून-व्यवस्था के लिहाज से एक संवेदनशील त्योहार है, इसीलिए किसी भी तरह की सांप्रदायिक तनाव या झगड़े को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। हाल ही में अवैध पशु परिवहन की घटनाओं को देखते हुए यह वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई ताकि एसओपी को सही तरीके से लागू किया जा सके।