मुंबई, 17 मई (आईएएनएस)। मुस्लिम नेताओं ने रविवार को गैर सरकारी संगठनों, वकीलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनीतिक दलों के नेताओं और अन्य लोगों के साथ आगामी बकरीद पर्व के लिए प्रशासनिक तैयारियों और शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए एक बैठक की।
दुनिया भर में मुसलमानों द्वारा मनाया जाने वाला यह त्योहार भारत में 27 मई को चांद दिखने के आधार पर मनाया जाएगा।
बैठक के बाद आईएएनएस से बात करते हुए एआईएमआईएम के प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि यह देखा गया है कि कुछ लोग, जो नफरत फैलाते हैं, अशांति पैदा करना चाहते हैं। आज सड़क पर कोई भी खुद को गौ रक्षक बताता है और मनमाने ढंग से वाहनों को रोका जाता है। उन्होंने आगे कहा कि एक समिति का गठन किया गया है जो सभी शिकायतों का कानूनी रूप से समाधान करेगी क्योंकि, वारिस के अनुसार, त्योहार के दौरान कई समस्याएं सामने आती हैं।
अधिवक्ता अमीन सोलकर ने शांतिपूर्ण बकरीद मनाने की अपील करते हुए कहा कि बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) और महाराष्ट्र सरकार के नियमों और दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बीएमसी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही सब कुछ किया जाएगा।
मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती मोहम्मद अशफाक काजी ने कहा कि भारत में गंगा जमुनी तहजीब है। देश में सभी त्योहार शांतिपूर्वक मनाए जाते हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इस बार भी इसका पालन हो।
अशफाक काजी ने जोर देते हुए कहा कि कभी-कभी लोग, चाहे हिंदू हों या मुसलमान, अपने निजी स्वार्थों को पूरा करने के लिए समुदायों के बीच शांति भंग करने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि कानून के अनुसार जानवर (बकरी) का पंजीकरण बीएमसी में कराना आवश्यक है, तो ऐसा किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी वकीलों की टीम कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वाली घटनाओं को रोकने के लिए काम करेगी। मुफ्ती काजी ने सभी से शांति और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की।

