नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग के पांचों अंग नक्षत्र, करण, वार, तिथि, योग के आधार पर ही शुभ-अशुभ समय का निर्धारण व दिन की शुरुआत की जाती है। 19 मई 2026 (मंगलवार) का पंचांग देखें तो ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि रहेगी। इस दिन अभिजीत मुहूर्त और विजय मुहूर्त के साथ रवि योग का शुभ संयोग बन रहा है।
मंगलवार को सूर्योदय 5 बजकर 28 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 7 मिनट पर होगा। चंद्रोदय सुबह 7 बजकर 33 मिनट पर और चंद्रास्त रात 10 बजकर 13 मिनट पर होगा। तृतीया तिथि दोपहर 2 बजकर 18 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी। हालांकि, उदयातिथि (सूर्योदय के समय जो तिथि हो) के अनुसार, पूरे दिन तृतीया का ही मान होगा।
नक्षत्र की बात करें तो मृगशिरा नक्षत्र सुबह 8 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। उसके बाद आर्द्रा नक्षत्र लगेगा। धृति योग दोपहर 5 बजकर 49 मिनट तक चलेगा। गर करण दोपहर 2 बजकर 18 मिनट तक रहेगा।
19 मई के शुभ मुहूर्त व योग की बात करें तो दृक पंचांग के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 5 मिनट से 4 बजकर 47 मिनट तक, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक, विजय मुहूर्त: दोपहर 2 बजकर 34 मिनट से 3 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। वहीं, गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजकर 6 मिनट से 7 बजकर 27 मिनट तक और अमृत काल रात 9 बजकर 14 मिनट से 10 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। रवि योग 18 मई की सुबह 8 बजकर 41 मिनट से शुरू होकर 19 मई की सुबह 5 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। यह योग विशेष शुभ माना जाता है।
अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 3 बजकर 42 मिनट से शाम 5 बजकर 25 मिनट तक, यमगंड सुबह 8 बजकर 53 मिनट से 10 बजकर 35 मिनट तक, गुलिक काल दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 2 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 8 बजकर 12 मिनट से 9 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। वहीं, विडाल योग सुबह 5 बजकर 28 मिनट से 8 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। मान्यता है कि दौरान किए काम फलदायी नहीं होता। इस समय किसी भी शुभ कार्य को टालने की सलाह दी जाती है।

