कतर और कुवैत ने सऊदी अरब पर ड्रोन हमले की निंदा की

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दोहा/ कुवैत, 18 मई (आईएएनएस)। कतर और कुवैत ने सऊदी अरब पर किए गए ड्रोन हमलों की निंदा की है। दोनों देशों ने अलग-अलग बयान जारी कर इसे क्षेत्रीय अखंडता को खतरे में डालने वाला बताया है।

कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का हवाला देते हुए कहा, “यह घुसपैठ मार्च में खाड़ी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए पारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन है।” साथ ही, उसने सऊदी अरब की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों के प्रति अपना समर्थन जताया।

कतर ने इस घटना को “अस्वीकार्य आक्रमण” बताया और इसे सऊदी अरब की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन कहा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कतर सऊदी अरब के साथ पूरी तरह खड़ा है और उसकी सुरक्षा, संप्रभुता तथा अपने नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाने वाले हर कदम का समर्थन करता है।

दोनों देशों ने रियाद के साथ अपनी पूर्ण एकजुटता जताते हुए कहा कि वे सऊदी क्षेत्र और उसके नागरिकों की सुरक्षा के लिए किए जाने वाले सभी उपायों का समर्थन करते हैं।

यह बयान सऊदी अरब के तीन संदिग्ध ड्रोन को अपने एयर डिफेंस सिस्टम से मार गिराने के दावे के बाद सामने आया है। सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने कहा कि देश अपनी संप्रभुता और सुरक्षा का उल्लंघन करने की किसी भी कोशिश के जवाब में आवश्यक सैन्य और परिचालन कदम उठाएगा।

अल-मालिकी ने यह भी कहा कि सऊदी क्षेत्र में नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि अप्रैल में लागू हुए अस्थायी संघर्ष विराम के बाद ईरान संघर्ष से जुड़ी शत्रुताएं काफी हद तक कम हो गई हैं, लेकिन इसके बावजूद इराक से खाड़ी देशों की ओर ड्रोन भेजे जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं।

रविवार को ही यूएई के बरकाह परमाणु संयंत्र के बाहर ड्रोन अटैक हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि हमले में संयंत्र के बाहर स्थित एक बिजली जनरेटर को निशाना बनाया गया, जिसमें कोई घायल नहीं हुआ और न ही कोई रेडियोधर्मी रिसाव हुआ। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने भी इस पर चिंता जताई थी।