क्वेटा, 18 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में धारा 144 लागू कर दी गई है। अधिकारियों ने इसे संभावित आतंकवादी खतरों के मद्देनजर एक एहतियाती कदम बताया है। स्थानीय मीडिया ने सोमवार को यह जानकारी दी।
गृह विभाग की अधिसूचना के अनुसार, यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और 30 दिनों तक प्रभावी रहेंगे। इनमें हथियारों के प्रदर्शन पर रोक, मोटरसाइकिल पर डबल राइडिंग और पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध शामिल है।
इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने (मास्क, मफलर या किसी अन्य वस्तु से) पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि पहचान प्रक्रिया बाधित न हो। सभी डिविजनल कमिश्नरों, डिप्टी कमिश्नरों, पुलिस अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को इन आदेशों के सख्त पालन के निर्देश दिए गए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गृह विभाग के सहायक अधिकारी बाबर यूसुफजई ने बताया कि मोटरसाइकिल पर पीछे बैठने (पिलियन राइडिंग) और चार से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर भी रोक लगा दी गई है।
सुरक्षा बलों को संभावित हमलों के मद्देनजर हाई अलर्ट पर रखा गया है।
इस बीच, 16 मई को पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) ने बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा स्थिति के बिगड़ते हालात पर चिंता जताई थी। आयोग ने कहा कि इन क्षेत्रों में लोग जबरन गायब किए जाने, टारगेट किलिंग और उग्रवादी हमलों के बीच फंसे हुए हैं।
एचआरसीपी ने ग्वादर विश्वविद्यालय के कुलपति, प्र-उपकुलपति और दो अन्य कर्मचारियों के मस्तुंग में कथित अपहरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह घटना राज्य की प्रमुख राजमार्गों को सुरक्षित रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
आयोग ने खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू, बाजौर और लक्की मरवत में हुए घातक हमलों का भी जिक्र किया, और सरकार से ठोस कार्रवाई की अपील की, ताकि मानव जीवन और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

