हजारीबाग: छात्रा की खुदकुशी मामले में आरोपी छात्र और शिक्षिका पर कार्रवाई की मांग

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हजारीबाग, 18 मई (आईएएनएस)। झारखंड के हजारीबाग जिला मुख्यालय स्थित विवेकानंद विद्यालय की छात्रा श्वेता कुमारी की मौत मामले की जांच की मांग को लेकर सोमवार को इसके परिजनों और सैकड़ों स्थानीय नागरिकों ने विद्यालय के मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन किया। आरोप है कि श्वेता कुमारी विद्यालय के एक छात्र के अनैतिक दबाव और एक शिक्षिका की धमकियों से इस कदर आहत हुईं कि उसने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।

करीब एक घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित लोगों ने ‘श्वेता कुमारी को इंसाफ दो’ के नारे लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और श्वेता की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अविलंब कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।

शहर के बड़ा बाजार थाना क्षेत्र का है, जहां 15 वर्षीय छात्रा श्वेता कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। श्वेता के पिता संजय गुप्ता के अनुसार, विद्यालय का ही एक छात्र सोलेंज राणा पिछले करीब एक महीने से श्वेता को लगातार प्रताड़ित कर रहा था और उस पर अनैतिक दबाव बना रहा था।

परिजनों का यह भी आरोप है कि विद्यालय की एक शिक्षिका प्रतिभा सिंह ने भी छात्रा को फोन कर धमकाया था। इस दोहरी प्रताड़ना और गहरे तनाव के कारण छात्रा ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। स्थिति बिगड़ने पर उसे हजारीबाग के आरोग्यम अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद रांची के मेदांता अस्पताल रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान 15 मई को उसने दम तोड़ दिया।

सोमवार को स्कूल गेट पर स्थानीय लोगों के आक्रोश प्रदर्शन की सूचना मिलते ही बड़ा बाजार थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान भाजपा नेता अमरदीप यादव और मुक्ति धाम सेवा संस्थान के नीरज कुमार की टीम ने भी प्रदर्शनकारियों और छात्रा के परिजनों से बातचीत की।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को पूरी निष्पक्षता के साथ जांच करने का भरोसा दिलाया। प्रशासन की ओर से आधिकारिक आश्वासन दिया गया कि मामले में नामजद आरोपी छात्र और शिक्षिका को एक सप्ताह के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद ही प्रदर्शन समाप्त हुआ। पुलिस ने पिता के लिखित बयान के आधार पर मामला दर्ज कर तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के सहारे आगे की छानबीन तेज कर दी है।