उत्तराखंड: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में मिला नर बाघ का शव, प्राकृतिक मौत की आशंका

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रामनगर, 18 दिल्ली (आईएएनएस)। उत्तराखंड के प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज में सोमवार को गश्त के दौरान वनकर्मियों को एक नर बाघ मृत अवस्था में मिला। बाघ का शव धारा बीच क्षेत्र में धारा सोक के किनारे पड़ा मिला, जिसके बाद वनकर्मियों में हड़कंप मच गया।

वनकर्मियों ने तत्काल इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी, जिसके बाद कॉर्बेट पार्क के डायरेक्टर डॉ. साकेत बडोला के निर्देश में विभागीय टीम मौके पर पहुंची और जांच प्रक्रिया शुरू की गई।

सूचना मिलने पर कॉर्बेट पार्क के उपनिदेशक राहुल मिश्रा और पार्क वार्डन बिंदर पाल सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, वहीं कॉर्बेट के वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्साधिकारी डॉ. दुश्यंत शर्मा भी मेडिकल टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में बाघ के शव का निरीक्षण किया गया और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण, यानी एनटीसीए, की गाइडलाइन के अनुसार आगे की कार्रवाई की गई।

जानकारी देते हुए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि वनकर्मियों को नियमित गश्त के दौरान यह बाघ मृत अवस्था में मिला था, उन्होंने बताया कि मृत बाघ नर है और उसकी उम्र लगभग आठ से दस वर्ष के बीच आंकी जा रही है।

प्रारंभिक जांच में मामला प्राकृतिक मौत का प्रतीत हो रहा है, क्योंकि बाघ के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं और किसी प्रकार के शिकार या संघर्ष के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं।

डॉ. बडोला ने बताया कि बाघ का पोस्टमार्टम वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सकों की निगरानी में कराया गया। पोस्टमार्टम के दौरान आवश्यक सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान यानी डब्ल्यूआईआई भेजा जा रहा है।

रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पूरी पुष्टि हो सकेगी। उन्होंने कहा कि एनटीसीए के नियमों का पालन करते हुए बाघ के शव को नियमानुसार नष्ट कर दिया गया है। घटना के बाद वन विभाग क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए हुए है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख टाइगर रिजर्व में शामिल है, ऐसे में किसी भी बाघ की मौत वन विभाग के लिए गंभीर विषय माना जाता है। फिलहाल विभाग पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है।