नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। सिक्किम दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को दिल्ली सचिवालय में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर राज्य और राष्ट्र की जनता को शुभकामनाएं दीं।
एक बयान में कहा गया कि दर्शकों को सिक्किमी लोक नृत्यों (सिंगही छम, खम्पा, तमांग सेलो और मुखौटा) की मनमोहक प्रस्तुतियों ने मंत्रमुग्ध कर दिया।
इन प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रकृति और देवी-देवताओं के प्रति श्रद्धा को खूबसूरती से व्यक्त किया गया। संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुति के दौरान कुल 10 कलाकारों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सिक्किम प्राकृतिक सौंदर्य, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विविधता का एक अनूठा उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि हिमालय की गोद में बसा यह राज्य जैविक खेती को पूरी तरह अपनाकर भारत का पहला पूर्णतः जैविक राज्य बन गया है, जिससे देश में पर्यावरण संरक्षण का एक नया मानक स्थापित हुआ है।
उन्होंने कहा कि सिक्किम ने हमेशा शांति, विकास और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, जैविक कृषि और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सिक्किम का योगदान अत्यंत प्रेरणादायक है।
दिल्ली सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में सिक्किम की लोक संस्कृति, परंपराओं और विकास यात्रा को प्रदर्शित किया गया। उपस्थित लोगों ने सांस्कृतिक झलकियां और राज्य के राष्ट्रीय योगदान की सराहना की।
कला, संस्कृति और भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री गुप्ता के नेतृत्व में और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के दृष्टिकोण के अनुरूप, दिल्ली सरकार सभी राज्यों के स्थापना दिवस समारोह और त्योहारों का आयोजन कर रही है।
उन्होंने कहा कि ये आयोजन देश की विविध सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा दे रहे हैं और युवा पीढ़ी को इसके प्रति जागरूक करने में मदद कर रहे हैं।
सोमवार को सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम का आयोजन कला, संस्कृति और भाषा विभाग के अंतर्गत साहित्य कला परिषद द्वारा किया गया था।
इससे पहले, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को गंगटोक में सिक्किम के 51वें राज्य स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया और 223 करोड़ रुपए की 21 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह में शामिल हुए।
इस समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर, और मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग भी उपस्थित थे।

