हजारी प्रसाद द्विवेदी की पुण्यतिथि पर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि, योगदान को किया याद

0
7

नई दिल्ली, 19 मई (आईएएनएस)। साहित्यकार आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की पुण्यतिथि पर राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पद्म भूषण से सम्मानित द्विवेदी के साहित्यिक योगदान को याद करते हुए नेताओं ने उनके चिंतन और भारतीय संस्कृति को नई दृष्टि प्रदान करने वाले कार्य को स्मरण किया।

सोशल मीडिया प्लेफॉर्म एक्स पर पोस्ट के माध्यम से तमाम नेताओं ने उनके गहन चिंतन को याद करते हुए योगदान को अमर बताया।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, “हिंदी साहित्य के आलोक-स्तंभ, प्रख्यात साहित्यकार, ‘पद्म भूषण’ आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने अपने लेखन के माध्यम से भारतीय परंपरा, इतिहास और दर्शन को आधुनिक दृष्टि से प्रस्तुत कर जनमानस को जागृत किया। उनका सृजन कार्य हमें बौद्धिकता, संवेदना और सांस्कृतिक चेतना से जोड़ता है। ऐसे युगद्रष्टा मनीषी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।”

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने लिखा, “हिंदी साहित्य के प्रख्यात साहित्यकार, पद्म भूषण से अलंकृत हजारी प्रसाद द्विवेदी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! हिंदी साहित्य को समृद्ध करने और भारतीय संस्कृति, इतिहास और चिंतन को नई दृष्टि प्रदान करने में उनका अतुलनीय योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनका साहित्यिक अवदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।”

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लिखा, “हिंदी साहित्य को अपनी गहन दृष्टि और कालजयी रचनाओं से समृद्ध करने वाले साहित्यकार पं. हजारी प्रसाद द्विवेदी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन। हिंदी भाषा और साहित्य के विकास तथा उत्कर्ष में उनका योगदान सदैव प्रेरणादायक एवं अविस्मरणीय रहेगा।”

राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने लिखा, “हिंदी साहित्य के आलोक-स्तंभ, प्रख्यात साहित्यकार एवं ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। अपने साहित्य और चिंतन के माध्यम से उन्होंने भारतीय संस्कृति, इतिहास और दर्शन को नई दृष्टि प्रदान कर समाज को जागृत किया। उनका अद्वितीय योगदान सदैव साहित्य जगत एवं जनमानस को प्रेरित करता रहेगा।”

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने लिखा, “महान साहित्यकार आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उनका साहित्य-सृजन न केवल हमारी संस्कृति और इतिहास की समझ को गहरा करता है, बल्कि राष्ट्र और समाज को सशक्त बनाने का प्रेरक मार्ग भी देता है। उनके विचार और लेखन युग-युगांतर तक हमें प्रेरित करते रहेंगे।”